आज चंद्रग्रहण, मंदिरों में नहीं होगी पूजा
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चंद्रग्रहण के चलते बुधवार को यमुनोत्री एवं गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद रहे। चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों में दर्शन एवं पूजा-अर्चना नहीं हुई। केदारनाथ धाम के कपाट भी सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक बंद रहेंगे।
सुबह की पूजा और आरती के बाद हरकी पैड़ी और हरिद्वार के सभी मंदिर बंद हो गए। मालूम हो कि पूर्व के निर्णय के मुताबिक बदरीनाथ धाम के कपाट भी सुबह साढ़े आठ बजे से शाम सवा छह बजे तक बंद रहेंगे।
हरिद्वार में मंदिरों के कपाट ग्रहण संपन्न होने के बाद खुलेंगे और धुलाई के उपरांत दर्शन प्रारंभ होगा। हरकी पैड़ी पर सायंकालीन आरती का समय बदलकर 7:10 बजे कर दिया गया है। हरकी पैड़ी पर होने वाली प्रात: कालीन आरती निश्चित समय पर होगी। चंद्र ग्रहण का सूतक प्रात: 8:52 बजे लग गया था।
बहुत से श्रद्धालु सूर्योदय के साथ ही सूतक मानते हैं। गंगा सभा के प्रचार सचिव पंडित अखिलेश शास्त्री ने बताया कि सायं 6:04 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे।
पढ़िए, कब से कब तक लगेगा ग्रहण
यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व सचिव तीर्थ पुरोहित खिलानंद उनियाल ने बताया कि चंद्रग्रहण के कारण बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम छह बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। इसके बाद ही मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की जाएगी। इधर गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि बुधवार को दोपहर दो बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे।
शाम छह बजे दोबारा कपाट खुलने तक मंदिर परिसर में केतू का जाप किया जाएगा। जिला मुख्यालय स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत जयेंद्र पुरी ने बताया कि चंद्रग्रहण के छह घंटे पहले और छह घंटे बाद तक सूतक काल के चलते श्रद्धालु मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना नहीं कर पाएंगे। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े छह बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
सायं 5:52 से 6:04 बजे तक चंद्र ग्रहण
हरिद्वार में चंद्रोदय सायंकाल 5:52 बजे होगा। चंद्र ग्रहण कुछ ही देर बाद 6:04 बजे समाप्त हो जाएगा। पूर्ण मोक्ष सायं 6:10 बजे माना गया है। देश और विदेश में चंद्र ग्रहण का स्पर्श दोपहर बाद 2:50 बजे हो रहा है।
ग्रहों का मध्यकाल 4:30 बजे माना गया है। उत्तराखंड में चंद्रोदय 5:52 बजे होगा, अत: ग्रहण तभी से नजर आएगा। ग्रहण संपन्न होने के बाद श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे।