प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को दी 12 हजार करोड़ की सौगात, जाने प्रोजेक्ट में क्या है खास
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 हजार करोड़ की चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना का मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर शिलापट से पर्दा उठाया। मुख्यमंत्री हरीश रावत बतौर अध्यक्ष कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सुरक्षित और आसान चारधाम यात्रा पर एक डॉक्यूमेंट्री पेश की। इसके बाद जनसभा में मोदी ने कहा कि चारधाम राजमार्ग परियोजना केदार आपदा में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि है।
परियोजना निर्माण के बाद हर हिंदुस्तानी को संतोष होगा। उन्होंने कहा कि हरेक को गंगा तट पर आना होता है। कितने बच्चे अपने बुजुर्गों को लेकर आना चाहते हैं, लेकिन सड़कों की अनिश्चितता का माहौल बना है। राजमार्ग के निर्माण से चारधाम यात्रा सुगम हो जाएगी।
इससे पूर्व मोदी दोपहर करीब 12.28 बजे परेड ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले राजमार्ग मंत्रालय की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री हरीश रावत, केंद्रीय सड़क परविहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी उनके साथ मौजूद थे।
श्रवण कुमार की तरह याद किए जाएंगे गडकरी
केंद्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा, भाजपा के सभी पांचों सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
मोदी के एक ओर राज्यपाल डॉ. केके पाल और दूसरी ओर मुख्यमंत्री बैठे। 12.42 पर मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर चारधाम राजमार्ग परियोजना के शिलान्यास की रस्म पूरी की।
चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना के लिये मोदी ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की।
अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से काम किया। मोदी ने कहा कि जैसे बूढ़े-माता-पिता के लिए श्रवण कुमार को याद किया जाता है, परियोजना निर्माण के बाद गडकरी भी श्रवण कुमार की तरह याद किये जाएंगे।
ये हैं परियोजना के आकर्षण
- राष्ट्रीय राजमार्ग कम से कम 10 मीटर चौड़ा होगा।
- यात्रा को आसान बनाने के लिये मार्ग में 25 बड़े पुल, 13 बाइपास, तीन फ्लाइओवर व दो सुरंग बनेंगी।
- भूस्खलन से बचाव के लिए पहाड़ों को मजबूत बनाया जाएगा।
- 3000 करोड़ की लागत से 17 परियोजनाओं की निविदाएं जारी।
- तीर्थयात्रियों के राजमार्ग पर 18 सुविधा केंद्र स्थापित होंगे।
- राजमार्ग में 154 बस स्टैंड-ट्रक पार्किंग का निर्माण होगा।
कहां से कहां तक - मार्ग - लंबाई(किमी) - लागत (करोड़ )
ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग - (एनएच-58) - 140 किमी - 1824.88
रुद्रप्रयाग से माणा गांव - (एनएच-58) - 160 किमी - 1498.05
ऋषिकेश से धरासू - (एनएच94) - 144 किमी - 1687.70
धरासू से गंगोंत्री - (एनएच108) - 124 किमी - 2193.85
रुद्रप्रयाग से यमुनोत्री - (एनएच-94) - 95 किमी - 1368.17
रुद्रप्रयाग - गौरीकुंड - (एनएच-109) - 76 किमी - 1040.56
टनकपुर - पिथौरागढ़ - (एनएच-125) - 150 किमी - 1716.84
कुल - 889 - 11330.05
नोट:- अवशेष राशि मार्ग के सर्वेक्षण एवं डीपीआर पर व्यय हुई है।