Char Dham Yatra 2020 : बदरीनाथ हाईवे आठ और गौरीकुंड चार घंटे रहा बंद, गंगोत्री मार्ग पर जोखिमभरी हुई आवाजाही
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे नरकोटा के पास मलबा गिरने के कारण आठ घंटे तक बंद रहा। वहीं, गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा में भूस्खलन के कारण चार घंटे अवरुद्ध रहा। दूसरी ओर कालीमठ घाटी के दस ग्राम पंचायतों समेत जिले के अन्य 30 से अधिक गांवों का ब्लॉक व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।
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बृहस्पतिवार तड़के बदरीनाथ हाईवे जिला मुख्यालय से सात किमी दूर नरकोटा के समीप अवरुद्ध हो गया था, जिसे दोपहर 2 बजे खोला गया। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग तिलवाड़ा व बांसवाड़ा में भूस्खलन से चार घंटे बंद रहा। एनएच व कार्यदायी संस्था की ओर से कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 10 बजे हाईवे पर यातायात संचालित किया गया। दूसरी तरफ आए दिन हो रही बरसात के कारण जिले में 14 संपर्क मोटर मार्ग भी बंद चल रहे हैं।
गांव के ओम प्रकाश भट्ट, प्रधान आशा सती, मुलायम सिंह तिंदोरी, संदीप भट्ट, एनएस सतकारी, दिनेश सतकारी, एमएस चौहान का कहना है कि गुप्तकाशी-कालीमठ-कोटमा-जाल तल्ला-चौमासी मोटर मार्ग दो सप्ताह से बंद पड़ा है, लेकिन लोनिवि द्वारा सुध नहीं ली जा रही है। इधर, लोनिवि के ईई मनोज भट्ट ने बताया कि सड़क पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का जल्द स्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा।
क्षेत्रपाल में घंटों बाद खुला बदरीनाथ हाईवे
बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को क्षेत्रपाल, पुरसाड़ी, हिलेरीपार्क और बिरही में हाईवे पर दिनभर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। क्षेत्रपाल में पहाड़ी का करीब तीन सौ मीटर हिस्सा सड़क पर गिर गया। हालांकि देर शाम सड़क से मलबा हटा कर आवाजाही शुरू की गई है।
लोगों का कहना है कि हाईवे के संरक्षण का जिम्मा संभाले एनएचआईडीसीएल कंपनी के पास तकनीकी और विशेषज्ञों का अभाव है। बारिश होने पर प्रतिदिन यहां हाईवे पर मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। वहीं, पुरसाड़ी में भी करीब सौ मीटर दायरे में भूस्खलन हो रहा है। एनएचआईडीसीएल के जीएम संदीप कार्की का कहना है कि उनका पूरा ध्यान हाईवे से मलबा हटाने पर है।
चमोली में 30 संपर्क मार्ग अवरुद्घ
भारी बारिश और भूस्खलन से चमोली जिले में 30 मोटर मार्ग अवरुद्घ पड़े हुए हैं। गोपेश्वर-हापला-पोखरी, गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ, बिरही-निजमूला, नंदप्रयाग-घाट जैसे प्रमुख मोटर मार्ग भूस्खलन से खस्ता हालत में हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सड़कों को सुचार रखने के लिए सड़कों पर जेसीबी और मेन पावर की तैनाती की गई है।
गंगोत्री हाईवे पर जोखिमभरी हुई आवाजाही
मानसून की बारिश और ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य के कारण गंगोत्री हाईवे के बड़ेथी चुंगी क्षेत्र ने एक बार फिर आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाईवे के इस हिस्से में पहाड़ी से गिरते बोल्डर और खस्ताहाल सड़क के बीच लोगों को जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है।
ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत जिला मुख्यालय से सटे बड़ेथी चुंगी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण व भूस्खलन ट्रीटमेंट का कार्य किया जा रहा है, लेकिन कई प्रयोगों के बावजूद निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा ट्रीटमेंट कार्य भूस्खलन को रोकने में सफल नहीं हो पाया है।
जिससे हर मानसून सीजन में पहाड़ी से भूस्खलन सक्रिय हो जाता है। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रताप रावत, अरविंद उनियाल, धर्मेंद्र सिंह आदि लोगों ने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माण कार्य के दौरान भी हाईवे को सुविधाजनक बनाए रखने का नियम है, लेकिन संबंधित कंपनी द्वारा गड्ढों को भरने व मलबे को हटाने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इधर, एसडीएम देवेंद्र नेगी ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द से जल्द हाईवे की मरम्मत करवाई जाएगी।
मलबा हटा रही जेसीबी सहायक पर गिरा पत्थर, मौत
नैनीताल जिले में बेतालघाट के रामनगर मोटर मार्ग स्थित तल्लीसेठी-बव्वास के पास बृहस्पतिवार की सुबह 9.30 बजे सड़क से मलबा हटा रही जेसीबी के सहायक के ऊपर पत्थर गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
साथ ही जेसीबी ऑपरेटर भी पत्थर लगने से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए बेतालघाट के सीएचसी भेजा गया है। वहीं सड़क पर लंबा जाम लगा हुआ है। सूचना मिलते ही बेतालघाट पुलिस घटना स्थल को रवाना हो गई है।