उत्तराखंडः यमुनोत्री हाईवे डबरकोट में बना संवेदनशील, पिथौरागढ़ की 12 सड़कें बंद
- बारिश के बीच केदारनाथ हाईवे बंद
- मलबा गिरने के कारण अवरुद्ध हुआ मार्ग
- मौसम खराब, बारिश की संभावना
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विस्तार
बारिश के बीच चारधाम यात्रा मार्ग लगातार मलबा आने से बंद हो रहा है। आज सुबह केदारनाथ, बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे बंद हो गए थे। बारिश की वजह से लगातार इन मार्गों पर मलबा आ रहा है।
आज सुबह रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग भटवाड़ी में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया था। जिसे बाद में खोल दिया गया था। रुद्रप्रयाग जनपद में घने बादल छाए हुए हैं, बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं बदरीनाथ हाईवे नंदप्रयाग के पास चट्टान आने से अवरुद्ध हो गया था। जिसे बाद में खोल दिया गया। यहां मार्ग करीब एक घंटे तक बंद रहा।
यमुनोत्री क्षेत्र में बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे डबरकोट में रात मलबा आने के कारण बंद रहा, जिसे आज सुबह सात बजे खोल दिया गया। यहां दलदल व मलबा गिरने के भय के कारण आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। यहां आवाजाही बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यहां भी मौसम खराब है। बारिश की संभावना बनी हुई है।
पिथौरागढ़ की 12 सड़कें बंद
पिथौरागढ़ जिले की 12 सड़कें बंद हैं। डीडीहाट-पमस्यारी सड़क 24 जुलाई से बंद है। इसके अलावा, तवाघाट-सोबला, डीडीहाट-दूनाकोट, टनकपुर-जौलजीबी, ओगला-भागीचौरा, कनालीछीना-पीपली, तवाघाट-नारायण आश्रम, गलाती-रमतोली, पौड़ी-घटकुना, बेड़ीनाग-बिनायक, बंगापानी-जाराजीबली और मदनपुर-नैनी आदि सड़कें बंद हैं।
32 घंटे बाद खुला धौन में बंद टनकपुर-चंपावत हाईवे
एनएचएआई और बारहमासी सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी के अथक प्रयास से बुधवार सुबह से बंद पड़ा टनकपुर चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग 32 घंटे बाद बृहस्पतिवार देर शाम खोल दिया गया है। इससे पूर्व बृहस्पतिवार को सारे रूट डायवर्ट कर बसों को भेजा गया। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से मीलों अतिरिक्त दूरी तय कर सफर करना पड़ा। टनकपुर के चंपावत पिथौरागढ़ जाने वाले यात्रियों को वाया हल्द्वानी के रास्ते जाना पड़ा। रोडवेज ने वाया हल्द्वानी, घाट से पिथौरागढ़ के लिए बसें भेजीं।
उधर, पिथौरागढ़ जिले में मलबा आने से 15 आंतरिक सड़कें बंद रहीं। इनमें तीन सड़कों पर यातायात बहाल हो गया था। अन्य सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। इनमें से कुछ सड़कें मंगलवार और बुधवार से बंद थीं। उधर, बागेश्वर जिले में बारिश और मलबा आने से पांच सड़के बंद पड़ी हैं। तहसील कांडा में एक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मल्लादेश फरसाली में दो मंजिला मकान के पीछे की दीवार ध्वस्त हो गई है। इससे परिवार को खतरा बना हुआ है।
चट्टान से छिटके पत्थर की चपेट में आया युवक, मौत
गोपेश्वर में दशोली ब्लाक के सिरों गांव में गाय चराने जा रहे एक युवक की चट्टान से छिटके पत्थर की चपेट में आने से मौत हो गई। शुक्रवार को सुबह आठ बजे रोहित झिंक्वाण पुत्र स्वर्गीय बलदेव सिंह अन्य ग्रामीणों के साथ गाय चराने जंगल की ओर जा रहा था।
इसी दौरान अचानक चट्टान से छिटका पत्थर रोहित के सिर पर जा टकराया, जिससे वह करीब तीन सौ मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरा। साथ में गए भगत सिंह ने दुर्घटना की सूचना गांव में दी। ग्रामीणों ने लहूलुहान हुए रोहित को खाई से उठाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। राजस्व उपनिरीक्षक मोहन लाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
वहीं चाई गांव की महिला तोली नाले में बह गई है। पुलिस द्वारा रेस्क्यू कार्य किया गया। खबर लिखे जाने तक महिला का कुछ पता नहीं चला। बताया गया कि महिला माहेश्वरी देवी (उम्र 55 साल) गाय को लेकर जंगल गई थी। जहां वह नाले के तेज बहाव में बह गई।