{"_id":"6c2a041a975be29ff56230b966b2cfcd","slug":"chakrata-road-redevelopment-plan-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"चकराता रि-डेवलपमेंट, 'उजड़ने और बसने की लड़ाई'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चकराता रि-डेवलपमेंट, 'उजड़ने और बसने की लड़ाई'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 24 Oct 2013 08:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी देहरादून में इन दिनों चकराता रोड पर रि-डेवलपमेंट को लेकर विरोध जारी है। इस विरोध में अब नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का भी नाम जुड़ गया है।
विज्ञापन
भट्ट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर दुकानदारों का पक्ष रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार की यह मंशा कतई नहीं है कि दुकानदारों को उजाड़ा जाए, लेकिन सरकार कोर्ट के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
विज्ञापन
यह नौबत नहीं आती
भट्ट ने कहा कि एमडीडीए ने अगर पूर्व में ही 2011 के शासनादेश को लागू कर दिया होता तो यह नौबत नहीं आती। भूकंप को लेकर अगर किसी एजेंसी द्वारा खतरा बताया गया है तो इसे भी किसी उच्च एजेंसी से चेक कराया जाए। उन्होंने अनुरोध किया कि पहले ही व्यापारियों को काफी उजाड़ा जा चुका है। अब जरूरी है कि उन्हें उजाड़ने के बजाय बसाया जाए।
विज्ञापन
इस दौरान मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के मामले में सरकार कुछ भी नहीं करेगी। सरकार दुकानदारों को उजाड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाएगी। प्रतिनिधि मंडल में विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, विनय गोयल, पुनीत मित्तल, शशिकांत गोयल, राजेश गोयल सहित कई लोग शामिल रहे।
संयुक्त सर्व समाज संगठन का विरोध
उत्तरांचल संयुक्त सर्व समाज संगठन की बैठक में चकराता रोड रि-डेवलपमेंट प्लान का विरोध किया गया। बैठक में संगठन के अध्यक्ष सोम दत्त भागवत, महासचिव प्रीतम सिंह कुलवशी, राम रतन व रवि आदि मौजूद रहे।
करवाचौथ के दिन धरने पर बैठी महिलाएं
करवा चौथ पर चकराता रोड की महिलाएं शाम सात बजे से घंटाघर स्थित अंबेडकर मूर्ति के पास धरने पर बैठ गई। उनकी मांग थी कि जब तक सरकार रि-डेवलपमेंट प्लान को स्थगित नहीं करती तब तक अपना व्रत नहीं तोड़ेंगी। मुख्यमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद महिलाओं ने देर रात धरना स्थगित कर दिया। वहीं, राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली।