फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Chaitra navratri 2021: Ghatasthapana Shubh Muhurat And Timing

नवरात्रि 2021: आज ये हैं घट स्थापना के चार शुभ मुहूर्त, इस खास योग में ऐसे पूजन कर देवी मां को करें प्रसन्न

Tue, 13 Apr 2021 12:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 13 Apr 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Chaitra navratri 2021: Ghatasthapana Shubh Muhurat And Timing
नवरात्रि पूजा - फोटो : रोहित भट्ट/अमर उजाला

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्र की शुरुआत आज मंगलवार से होगी। 21 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी। नवरात्रि का परायण 22 अप्रैल को होगा। इस बार नवरात्र में अमृत सिद्धि योग बन रहा है।

विज्ञापन


वहीं, नवरात्रि की पूर्व संध्या से ही देहरादून के मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गईं। मंदिर की साफ-सफाई कर फूल माला और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सोमवार को दर्शन लाल चौक स्थित पंचायती मंदिर, प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर, आराघर स्थित हनुमान मंदिर, गढ़ी कैंट स्थित नौ दुर्गा मंदिर समेत शहर के अन्य मंदिरों में सुबह से ही साफ-सफाई की गई।
विज्ञापन


चैत्र नवरात्र 2021 : इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, पूरे नौ दिन रहेंगे नवरात्र
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान मंदिर को सजाकर भव्य रूप दिया गया। ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज और पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा करने का अधिक महत्व है। मां दुर्गा की पूजा करने से सारे काम और मनोकामना पूरी होती हैं।

कलश स्थापना मुहूर्त

मेष लग्न (चर लग्न) :-  सुबह 6:02 से 7:38 बजे तक।
वृषभ लग्न (स्थिर लग्न) :- सुबह 7:38 से 9:34 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त :- सुबह 11:55 से दोपहर 12:43 बजे तक।
सिंह लग्न (स्थिर लग्न) :- दोपहर 14:07 से शाम 16:25 बजे तक।

ऐसे करें कलश स्थापना
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुनील पैन्यूली ने बताया कि कलश स्थापना के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए। स्नान आदि कर साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद मंदिर को अच्छे से साफ करें और एक लकड़ी का फटा लें और उस पर लाल या सफेद रंग का कपड़ा बिछाएं। कपड़े पर चावल रखकर मिट्टी के बर्तन में जौ बो दें। इसी बर्तन के ऊपर जल का कलश रखें। इस कलश में स्वास्तिक बनाएं। फिर कलावा बांध दें। कलश में सुपारी, सिक्का और अक्षत जरूर डालें। कलश पर अशोक के पत्ते रखें। साथ ही एक नारियल को चुनरी से लपेट कर कलावा बांध दें। फिर मां दुर्गा का आह्वान करें और दीप जलाकर कलश की पूजा करें।

बाजारों में रही रौनक
सोमवार को पूजन सामग्री खरीदने वालों से शहर के बाजारों में रौनक देखने को मिली। माता के भक्तों ने मां के लिए लाल चुनरी, कुमकुम, मिट्टी का पात्र, जौ, साफ की हुई मिट्टी, तांबा, पीतल, मिट्टी का कलश, लाल सूत्र आदि पूज सामग्री की खरीदारी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed