फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Central Building Research Institute Roorkee Scientist Gives Alert For Earthquake in Delhi Ncr

दिल्ली एनसीआर में डेढ़ महीने में पांच भूकंप किसी बड़े खतरे का संकेत तो नहीं, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

Tue, 02 Jun 2020 01:30 AM IST
अलका त्यागी अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 02 Jun 2020 01:30 AM IST
सार

  • सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों ने दिल्ली एनसीआर में भूकंपीय फॉल्ट होने से एहतियात बरतने की चेतावनी दी
  • टेक्टोनिक प्लेटों के बीच घर्षण से भूगर्भ में संरक्षित ऊर्जा भूकंप के रूप में आ रही है बाहर

विज्ञापन
Central Building Research Institute Roorkee Scientist Gives Alert For Earthquake in Delhi Ncr
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

दिल्ली एनसीआर में बीते डेढ़ महीने के अंदर आए पांच भूकंप ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। सिस्मिक रिस्क जोन चार में शामिल दिल्ली से होकर गुजरने वाले भूकंपीय फॉल्ट भी बड़े खतरे का कारण हैं, क्योंकि मई में आए दो भूकंप का केंद्र नई दिल्ली के उत्तर में और 29 मई को आए तीसरे भूकंप का केंद्र रोहतक, हरियाणा में था। यही नहीं, दिल्ली से होकर गुजर रहे सिस्मिक फॉल्ट में भूकंप का लंबा इतिहास भी रहा है।

विज्ञापन


सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों का कहना है कि टेक्टोनिक प्लेटों के बीच हो रहे घर्षण से जो ऊर्जा निकल रही है, उसे चेतावनी मानकर भविष्य के लिए एहतियाती कदम उठाने जरूरी हैं। वैसे तो पांच मैग्नीट्यूड से कम क्षमता के भूकंप को खतरा नहीं माना जाता है, लेकिन दिल्ली एनसीआर में जिस तरह से कम अंतराल में छोटे-छोटे भूकंप आ रहे हैं, ऐसे में वैज्ञानिकों के सामने यह एक बड़ा सवाल है कि कहीं ये किसी बड़े खतरे का संकेत तो नहीं।

विज्ञापन

भूकंप की पूर्व भविष्यवाणी संभव नहीं

सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया ने बताया कि भूकंप की पूर्व भविष्यवाणी संभव नहीं है, लेकिन डेढ़ महीने में दिल्ली एनसीआर में आए पांच भूकंप सावधान करने के लिए काफी हैं। उन्होंने बताया कि ये भूकंप उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में आए हैं। दिल्ली के हाई सिस्मिक जोन चार में होने के साथ ही यहां सोहना, दिल्ली-मुरादाबाद, मथुरा और दिल्ली-हरिद्वार सिस्मिक फॉल्ट भी हैं।

इन फॉल्ट और इसके आसपास भूकंप का लंबा इतिहास है। 29 मई को 4.6 तीव्रता का जो भूकंप आया है, उसका केंद्र रोहतक में था। इस जगह भूगर्भ में बना फॉल्ट भी समय-समय पर सक्रिय रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे भूकंप इस बात के संकेत हैं कि भूगर्भ में ऊर्जा संरक्षित हो रही है और धीरे-धीरे भूकंप के रूप में निकल भी रही है, लेकिन यह एनर्जी कब बड़ी मात्रा में निकल जाए, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण समय है कि आपदा न्यूनीकरण के सभी उपायों को तत्काल अमल में लाया जाए।

दिल्ली एनसीआर में डेढ़ माह में आए भूकंप

12 अप्रैल - 3.5 मैग्नीट्यूड
13 अप्रैल - 2.7  मैग्नीट्यूड
10 मई - 3.4 मैग्नीट्यूड
15 मई - 2.2 मैग्नीट्यूड
29 मई - 4.6  मैग्नीट्यूड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed