आईआईटी रुड़की के छह प्रोफेसरों से सीबीआई ने की पूछताछ, पीछे है यह 'अपराध'
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निजी कॉलेजों को संबद्धता देने में गड़बड़ी के मामले में कमेटी में शामिल रहे आईआईटी रुड़की के छह प्रोफेसरों से सीबीआई ने पूछताछ की।
उन्हें पिछले दिनों भेजे गए नोटिस के क्रम में मंगलवार को सीबीआई कार्यालय देहरादून में बुलाया गया था। प्रोफेसरों से पूछताछ का क्रम तीन सितंबर तक जारी रहेगा।
बता दें कि इस मामले में 150 से अधिक प्रोफेसर और कर्मचारी सीबीआई के राडार पर हैं।
कॉलेज के निरीक्षण और पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई
प्रकरण की जांच सीबीआई इंस्पेक्टर अनिल कुमार चंदोला कर रहे हैं। बता दें कि साल 2013 से 2017 के बीच गढ़वाल विवि श्रीनगर के संबद्ध निजी कॉलेजों में कई नए पाठ्यक्रमों की शुरूआत हुई थी।
इसके लिए विवि ने कई प्रोफेसरों के माध्यम से निजी कॉलेजों और संस्थानों का निरीक्षण कराया था। संबद्धता के लिए प्राइवेट कॉलेज के निरीक्षण और पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी।
पिछले दिनों सीबीआई ने गढ़वाल विवि के इन प्रोफेसरों को विभिन्न तिथियों में तलब किया था।
तीन सितंबर तक अलग-अलग तिथियों में दर्ज होंगे प्रोफेसरों के बयान
सभी को गत 21 अगस्त से आगामी तीन सितंबर तक अलग-अलग तिथियों में सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को आईआईटी रुड़की के आर्किटेक्चरल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के छह प्रोफेसरों को भी पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय बुलाया गया था।
इनमें प्रोफेसर आर प्रसाद, प्रोफेसर एसआर सिंह, फ्रोफेसर डीएस नेगी, प्रोफेसर दिनेश भट्ट, डॉ जीएस राजवर और प्रोफेसर राजेश चंद्र शामिल थे। ये सभी प्रोफेसर उस कमेटी में शामिल थे जिसने कॉलेजों में नए पाठ्यक्रमों की शुरूआत करने से पहले उनका निरीक्षण किया था।