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बारिश नहीं होने से बर्बाद हो रही नकदी फसलें
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साहिया। क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसानों की नकदी फसलों व फल उत्पादन व्यापक स्तर पर प्रभावित हो रहा है। समय से बारिश नहीं होने के कारण पहले मटर की फसल में किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा है। किसान क्षेत्र की मुख्य फसल मानी जाने वाली अरवी व अदरक को लेकर चिंतित है। उधर फसलों के नुकसान का सर्वे नहीं किए जाने से किसानों में कृषि विभाग व राजस्व प्रशासन के विरुद्ध रोष व्याप्त है।
साहिया क्षेत्र के किसानों को इस बार मौसम में मुसीबत में डाल दिया है। समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की प्रमुख मानी जाने वाली मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसके अलावा अदरक, लहसुन, अरवी, हरी मिर्च व सब्जी के साथ फलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र में अधिकतर कृषि कार्य बारिश के पानी पर निर्भर हैं। कुछ स्थानों को छोड़कर पूरे क्षेत्र का किसान सिंचाई के लिए बारिश के पानी का ही उपयोग करता है। लेकिन इस बार मौसम की बेरूखी के चलते सभी फसलों को भारी नुकसान है। किसान भोपाल सिंह, जयपाल सिंह पंवार, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, रणसिंह चौहान, रूपराम, चतर सिंह तोमर, मुकेश शर्मा, सबल सिंह का कहना है कि फसलों के खराब होने से जहां किसानों की मेहनत व उनकी लागत बर्बाद हो गई है वहीं, आढ़तियों से लिया गया पैसा उनके ऊपर कर्ज के रूप में भारी बोझ बन गया है। उनका कहना है कि किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के मामले में कृषि विभाग व राजस्व प्रशासन की लापरवाही उनकी परेशानियों का बढ़ा रही है। किसानों ने प्रदेश सरकार से उनकी मदद करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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साहिया क्षेत्र के किसानों को इस बार मौसम में मुसीबत में डाल दिया है। समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की प्रमुख मानी जाने वाली मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसके अलावा अदरक, लहसुन, अरवी, हरी मिर्च व सब्जी के साथ फलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र में अधिकतर कृषि कार्य बारिश के पानी पर निर्भर हैं। कुछ स्थानों को छोड़कर पूरे क्षेत्र का किसान सिंचाई के लिए बारिश के पानी का ही उपयोग करता है। लेकिन इस बार मौसम की बेरूखी के चलते सभी फसलों को भारी नुकसान है। किसान भोपाल सिंह, जयपाल सिंह पंवार, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, रणसिंह चौहान, रूपराम, चतर सिंह तोमर, मुकेश शर्मा, सबल सिंह का कहना है कि फसलों के खराब होने से जहां किसानों की मेहनत व उनकी लागत बर्बाद हो गई है वहीं, आढ़तियों से लिया गया पैसा उनके ऊपर कर्ज के रूप में भारी बोझ बन गया है। उनका कहना है कि किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के मामले में कृषि विभाग व राजस्व प्रशासन की लापरवाही उनकी परेशानियों का बढ़ा रही है। किसानों ने प्रदेश सरकार से उनकी मदद करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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