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उत्तराखंड जल विद्युत निगम के सीएमडी पर करप्शन का केस

Fri, 10 Jun 2016 06:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 10 Jun 2016 06:02 AM IST
सार

  • सुवर्ण रेखा परियोजना में करीब 20 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप
  • वर्मा थे झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम के पूर्व सीएमडी
  • उत्तराखंड शासन के पास नहीं पहुंची मुकदमे की जानकारी
  • भेल को हुए भुगतान पर सवाल, कुल 6 अफसरों पर केस

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case on ujvnl cmd by jharkhand anti corruption bureau.
सीएमडी पर बीस करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप है। - फोटो : demo pic

विस्तार

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा के खिलाफ झारखंड के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है। वर्मा मौजूदा पद पर तैनात होने से पहले झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी थे। झारखंड स्थित सुवर्ण रेखा पनबिजली परियोजना में 20.87 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के आरोप पूर्व सीएमडी वर्मा समेत छह अफसरों के खिलाफ  केस दर्ज किया गया है। हालांकि वर्मा पर केस दर्ज होने की सूचना उत्तराखंड सरकार के पास नहीं आई है।

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एसएन वर्मा जून 2011 से दिसंबर 2014 तक रांची में राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष और ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी थे। वह उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएन) से डेपुटेशन पर झारखंड गए थे। जनवरी 2015 में वह देहरादून लौटकर यूजेवीएन के एमडी बनाए गए।
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ऊर्जा निगम ने 2012 में सुवर्ण रेखा पनबिजली परियोजना में टेंडर जारी करने के बजाय भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) को नॉमिनेशन के आधार पर काम दिया। इसके बाद दो आरोप लगे। भेल पर आरोप लगा कि उसने खुद काम न कर किसी और एजेंसी से कम पैसे में काम कराया। झारखंड ऊर्जा निगम पर यह आरोप लगा कि उसने भेल को भुगतान गलत तरीके से किया।

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बीजेपी सरकार बनने के बाद हुई जांच में तेजी

case on ujvnl cmd by jharkhand anti corruption bureau.
धोखाधड़ी की जांच - फोटो : demo pic

जानकारी के मुताबिक रघुवर दास की बीजेपी सरकार बनने के बाद उच्च स्तर पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने भेल को दिए गए काम की विशेष जांच की। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर सरकार ने यह रिपोर्ट सीबीआई को भी भेजी। इस बीच झारखंड सरकार के एंटी करप्शन ब्यूरो ने दो जून को रांची में एसीबी ने वर्मा के अलावा राज्य बिजली बोर्ड के तत्कालीन सदस्य विरुद्ध आलोक शरण, मुख्य अभियंता जीएनएस मुंडा, मुख्य अभियंता डीएन राम, प्रोजेक्ट मैनेजर बीके चौधरी और कार्यपालक अभियंता प्रवीण कुमार पर भी मुकदमा दर्ज किया है।

एसीबी ने अभी किसी तरह की गिरफ्तारी नहीं की है। इस मामले को लेकर यूजीवीएनएल के एमडी एसएन वर्मा से बातचीत नहीं हो सकी। वह विदेश दौरे पर गए हुए हैं उनसे संपर्क होने पर उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा।

इनका है कहना
हमारे पास यूजीवीएनएल के एमडी के खिलाफ झारखंड में कोई मुकदमा दर्ज होने की अधिकारिक सूचना नहीं आई है। 
-उमाकांत पंवार, प्रमुख सचिव ऊर्जा

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