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श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित ने लगाया 11 घंटे जाम, अब दर्ज हुआ 60 अज्ञात लोगों पर केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कीर्तिनगर
Updated Sun, 23 Sep 2018 09:09 AM IST
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श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित परिवारों की ओर से 11 घंटे सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने सड़क जाम और आम जनता की आवाजाही प्रभावित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में आंदोलनकारी हिमालय बचाओ मंच के संयोजक समीर रतूड़ी सहित 60 अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया है।
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कीर्तिनगर में पिछली एक अगस्त से विभिन्न मांगों के निराकरण को श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों का आंदोलन चल रहा है। शुक्रवार सुबह पुलिस ने 38 दिन से अनशन पर बैठे दौलत कुंवर को उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
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पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलनकारी कीर्तिनगर मोटर पुल के समीप कीर्तिनगर-बडियारगढ़ मोटर मार्ग पर धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद पुलिस को ट्रैफिक डाइवर्ट करना पड़ा। आंदोलनकारी सुबह सात से शाम छह बजे तक सड़क में बैठे रहे, जिसके चलते पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ सड़क जाम कर आवाजाही प्रभावित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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कोतवाल चंदन सिंह चौहान ने बताया कि कीर्तिनगर- बडियारगढ़ मोटर मार्ग को 11 घंटे तक जाम करने पर समीर रतूड़ी समेत 60 महिला और पुरुष के खिलाफ धारा 147/149/341/186 आईपीसी में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इधर, आंदोलनकारी समीर रतूड़ी का कहना है कि पुलिस-प्रशासन ने आंदोलनकारियों को फंसाने की साजिश रची है। आंदोलन को कुचलने और महिलाओं को धमकाने के लिए झूठे केस का सहारा लिया जा रहा है, जब आंदोलनकारी सड़क पर बैठे कोई यातायात बाधित नहीं हुआ न ही किसी दुकानदार व राहगीर को परेशानी हुई। ऐसे में केस दर्ज करना न्याय विरोधी है। वहीं पुलिस की ओर से दौलत कुंवर को उठाने के धारी गांव की विमला देवी (48) अनशन पर बैठ गई है। वहीं सरस्वती देवी का अनशन 12वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर वीरेंद्र लाल, रघुवीर कोहली, राजेश्वरी देवी, शकुंतला देवी, वीना देवी, कमला देवी, गीता और सोहन लाल आदि ने धरना दिया।