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पूर्व अध्यक्ष उनियाल पर केस दर्ज कर हो कार्रवाई: HC
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Tue, 12 May 2015 11:54 AM IST
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हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ओपी उनियाल पर मामला दर्ज कर सीबीआई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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उनियाल पर मसूरी नगरपालिका में हुई वित्तीय अनियमितताओं समेत अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिए।
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कोर्ट ने दिए थे सीबीआई जांच के निर्देश
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नगरपालिका मसूरी के पूर्व सभासद विनोद प्रकाश थपलियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पूर्व पालिका अध्यक्ष ओपी उनियाल पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
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उनका कहना था कि उनियाल ने 2011 में अपने पद पर रहते हुए अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया। याचिकाकर्ता ने पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के साथ ही इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की थी। कोर्ट ने पूर्व में हुई सुनवाई के बाद सीबीआई जांच करने के निर्देश दे रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा था।
सीबीआई रिपोर्ट में आरोप मिले सही
सीबीआई की ओर से पेश रिपोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से लगाये गए कई आरोपों को सही पाया गया है। उनियाल पर कानूनी कार्यवाही की संस्तुति की गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ओपी उनियाल के खिलाफ मामला दर्ज कर सीबीआई रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
पूर्व अध्यक्ष का है कहना
मुझे जबरन फंसाने के लिए षड्यंत्र किया गया है। पालिका में जो भी निर्णय लिए जाते हैं, वे सामूहिक होते हैं। जनप्रतिनिधियों से अधिक जिम्मेदारी अधिकारियों की होती है। इस मामले में अधिकारियों द्वारा गुमराह किया गया। जो भी निर्णय बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं, उसकी प्रोसिडिंग 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी को भेजी जाती है। यदि कोई निर्णय गलत था तो डीएम को निर्णय बदलने अथवा स्थगित करने का पूरा अधिकार था। इस मामले में अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं।
-ओपी उनियाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी