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Uttarakhand: घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक निदेशक और पूर्व कुलसचिव पर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Mon, 28 Nov 2022 09:51 AM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 28 Nov 2022 09:51 AM IST
सार
संस्थान में शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा के दौरान चहेते अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने व ओमआर सीट से छेड़छाड़ के आरोप में घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक निदेशक और पूर्व कुलसचिव पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संस्थान में फरवरी 2019 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जेआरडी एकेडमी देहरादून में परीक्षा हुई थी।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के पूर्व कार्यवाहक निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान और पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार पर मुकदमा दर्ज हो गया है। संस्थान के निदेशक की शिकायत पर पुलिस ने संस्थान में शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा के दौरान चहेते अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने और ओएमआर सीट से छेड़छाड़ करने, धोखाधड़ी, सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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संस्थान में फरवरी 2019 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जेआरडी एकेडमी देहरादून में परीक्षा हुई थी। इसमें तीन प्रोफेसर, पांच एसोसिएट प्रोफेसर व 31 असिस्टेंट प्रोफेसर चयनित हुए थे। उक्त परीक्षा में चहेतों को लाभ पहुंचाने के मामले में संस्थान के निदेशक प्रो. वाई सिंह ने कोतवाली पौड़ी पुलिस को एक शिकायत सौंपी है।
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डीएआईजी गढ़वाल के निर्देश पर कोतवाली पौड़ी में संस्थान के पूर्व कार्यवाहक निदेशक व पूर्व कुलसचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी पौड़ी श्वेता चौबे ने बताया कि मामला देहरादून जिले का है। हस्तांतरित किए जाने के लिए जल्द ही डीआईजी गढ़वाल को पत्र भेजा जाएगा।
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पूर्व कार्यवाहक निदेशक को शासन ने हटाया था पद से
संस्थान के पूर्व कार्यवाहक निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान को जनवरी 2021 को पद से हटाया गया था। प्रो. चौहान फरवरी 2018 में प्रभारी निदेशक बने थे। वह जुलाई 2020 में सेवानिवृत्त हो गए थे। उन्हें एक साल का सत्रांत लाभ दिए जाने के साथ प्रभारी निदेशक का दायित्व भी दिया गया था। विवादों व शासन के आदेशों की अवज्ञा के चलते जनवरी 2021 में प्रो. चौहान को प्रभारी निदेशक के पद से हटाने के साथ ही उनका सत्रांत लाभ भी समाप्त कर दिया गया था।
संस्थान के पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार वर्तमान में जमानत पर रिहा हैं। वह संस्थान में टीपीओ (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर) के पद पर वर्ष 2005 में नियुक्त हुआ था। वह वर्ष 2017 में प्रभारी निदेशक व दिसंबर 2019 में संस्थान का नियमित कुलसचिव बना था। संदीप पर संस्थान में अवैध तरीके से नियुक्तियां करने, निर्माण कार्यों व मेस में वर्तन खरीद में अनियमितता सहित अनेक आरोप हैं। संस्थान के दस्तावेज गायब करने सहित अन्य मामलों में नवंबर 2021 को एसआईटी गठित हुई थी। इससे पहले मई 2022 में संदीप की सेवा समाप्त हो गई थी। एसआईटी ने संदीप कुमार को सितंबर माह में गिरफ्तार किया था। वह वर्तमान में जमानत पर रिहा है।
संस्थान के पूर्व कार्यवाहक निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान को जनवरी 2021 को पद से हटाया गया था। प्रो. चौहान फरवरी 2018 में प्रभारी निदेशक बने थे। वह जुलाई 2020 में सेवानिवृत्त हो गए थे। उन्हें एक साल का सत्रांत लाभ दिए जाने के साथ प्रभारी निदेशक का दायित्व भी दिया गया था। विवादों व शासन के आदेशों की अवज्ञा के चलते जनवरी 2021 में प्रो. चौहान को प्रभारी निदेशक के पद से हटाने के साथ ही उनका सत्रांत लाभ भी समाप्त कर दिया गया था।
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वर्तमान में जमानत पर रिहा हैं संदीप कुमारसंस्थान के पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार वर्तमान में जमानत पर रिहा हैं। वह संस्थान में टीपीओ (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर) के पद पर वर्ष 2005 में नियुक्त हुआ था। वह वर्ष 2017 में प्रभारी निदेशक व दिसंबर 2019 में संस्थान का नियमित कुलसचिव बना था। संदीप पर संस्थान में अवैध तरीके से नियुक्तियां करने, निर्माण कार्यों व मेस में वर्तन खरीद में अनियमितता सहित अनेक आरोप हैं। संस्थान के दस्तावेज गायब करने सहित अन्य मामलों में नवंबर 2021 को एसआईटी गठित हुई थी। इससे पहले मई 2022 में संदीप की सेवा समाप्त हो गई थी। एसआईटी ने संदीप कुमार को सितंबर माह में गिरफ्तार किया था। वह वर्तमान में जमानत पर रिहा है।