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दो साल बाद 17 कर्मचारियों को मिली राहत, मुकदमा वापस

Sat, 13 Aug 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 13 Aug 2016 01:36 AM IST
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case back against 17 employees.
कर्मचारियों ने सीएम रावत से मिलकर मुकदमा वापस लेने की मांग की थी। - फोटो : अमरउजाला

17 कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे को प्रदेश सरकार के वापस ले लिया है। हाल ही में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर मुकदमा वापस लेने की मांग की थी। दो साल बाद इससे राहत मिलने पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कर्मचारी कचहरी स्थित कार्यालय में खुशी मनाते नजर आए।

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दरअसल, दो साल पहले कलेक्ट्रेट मिनीस्ट्रीयल कर्मचारियों ने स्टांपिंग पैटर्न बदलने को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी की खिलाफत करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया था। इससे नाराज तत्कालीन डीएम चंद्रेश यादव ने 17 कलेक्ट्रेट कर्मचारियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
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अब मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर इस मुकदमे को वापस ले लिया गया। उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री आशीष वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की बात सुनी और मुकदमा वापस लिया। इसके लिए सभी कलेक्ट्रेट कर्मचारी उनके आभारी हैं।
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इन कर्मचारियों के खिलाफ था मुकदमा
राजेंद्र रावत, अजय गोयल, अनुज कुमार, आशीष वर्मा, आशीष जोशी, रविंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, सुशील बड़ोनी, बाल राम जोशी, अशोक जैन, दुर्गेश, राकेश कश्यप, सते सिंह मेहर, ऋषिपाल सिंह, रतन सिंह, हीरा बल्लभ जोशी, देवेंद्र सुंदरियाल

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