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Dehradun News: इंजेक्शन से बच्ची की मौत पर झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा
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उपचार के दौरान बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उसने गलत इंजेक्शन लगाया था। परिजनों ने उसके क्लीनिक पर हंगामा किया और उसके खिलाफ तहरीर दी। झोलाछाप पुलिस के सामने कोई डिग्री प्रस्तुत नहीं कर पाया। फिलहाल वह क्लीनिक बंद कर भाग निकला।
घटना सात अगस्त की है। चमनपुरी, निरंजनपुर की रहने वाली उर्मिला देवी की 12 साल की बेटी ज्योति के पैर में फुंसियां हुई थीं। परिजन उसे ग्रीनपार्क स्थित बिजलीघर चौक के पास डॉ. अमरजीत के क्लीनिक र ले गए। उसने ज्योति के पैर पर पट्टी बांध दी और एक इंजेक्शन लगा दिया। परिजन ज्योति को घर ले आए। लेकिन, उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन दूसरे अस्पताल ले गए। वहां ज्योति ने सात अगस्त को दम तोड़ दिया था। इससे गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लीनिक पर हंगामा किया था।
मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामे को शांत कराया और बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी ने बताया, पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो पाई थी। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह पर विसरा सुरक्षित रखा गया है। इस बीच बच्ची की मां उर्मिला से तहरीर ली गई थी। इसकी प्राथमिक जांच में झोलाछाप को बुलाकर डिग्री के बारे में पूछा गया। लेकिन, वह अपनी डिग्री या प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया। अब उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी तलाश की जा रही है।
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रैकेट का हुआ था भंडाफोड़
इस साल की शुरुआत में एसटीएफ ने देहरादून में झोलाछाप के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई के बाद लगातार फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई हुई। इससे लगा था कि कुछ हद तक ऐसे लोग प्रशासन से डरेंगे लेकिन इनके धंधे पर तमाम लगाम नहीं लग पा रहा है।
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घटना सात अगस्त की है। चमनपुरी, निरंजनपुर की रहने वाली उर्मिला देवी की 12 साल की बेटी ज्योति के पैर में फुंसियां हुई थीं। परिजन उसे ग्रीनपार्क स्थित बिजलीघर चौक के पास डॉ. अमरजीत के क्लीनिक र ले गए। उसने ज्योति के पैर पर पट्टी बांध दी और एक इंजेक्शन लगा दिया। परिजन ज्योति को घर ले आए। लेकिन, उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन दूसरे अस्पताल ले गए। वहां ज्योति ने सात अगस्त को दम तोड़ दिया था। इससे गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लीनिक पर हंगामा किया था।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामे को शांत कराया और बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी ने बताया, पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो पाई थी। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह पर विसरा सुरक्षित रखा गया है। इस बीच बच्ची की मां उर्मिला से तहरीर ली गई थी। इसकी प्राथमिक जांच में झोलाछाप को बुलाकर डिग्री के बारे में पूछा गया। लेकिन, वह अपनी डिग्री या प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया। अब उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी तलाश की जा रही है।
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रैकेट का हुआ था भंडाफोड़
इस साल की शुरुआत में एसटीएफ ने देहरादून में झोलाछाप के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई के बाद लगातार फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई हुई। इससे लगा था कि कुछ हद तक ऐसे लोग प्रशासन से डरेंगे लेकिन इनके धंधे पर तमाम लगाम नहीं लग पा रहा है।