नैनीताल: किलबरी मार्ग पर ओलावृष्टि के दौरान अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, चालक की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल-किलबरी मार्ग के हिमालय दर्शन क्षेत्र के पास ओलावृष्टि के दौरान टैक्सी वाहन रविवार को अनियंत्रित होकर सात सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार को जब परिजन और ग्रामीण चालक को खोजने निकले तो उसका शव खाई में पड़ा मिला।
घुग्घु सिगड़ी निवासी गोधन सिंह कार्की (45) पुत्र जंग बहादुर कार्की टैक्सी वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण पोषण करता था। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे मल्लीताल क्षेत्र स्थित पार्किंग से वह अपने साथियों से यह कहकर निकला कि शिवरात्रि पर घर जा रहा है।
इसके बाद वह अर्टिगा कार (यूके04टीए 9699) लेकर घर के लिए चल दिया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने उसकी खोज शुरू की। मंगलवार को गोधन के परिजन और अन्य ग्रामीण उसे खोजते हुए किलबरी से नैनीताल की ओर आ रहे थे तो नैनीताल से करीब छह किलोमीटर दूर उन्हें किसी वाहन के सड़क किनारे बने अस्थायी पैरापिट से टकराने के निशान मिले, साथ ही वाहन के बंपर के टूटे टुकड़े भी दिखाई दिए।
इस पर वे खाई में उतरे। करीब सात सौ मीटर नीचे पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन समेत गोधन भी पड़ा मिला। पास जाने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
मामले की जानकारी होने पर एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार कृष्ण राम, कोतवाल ध्यान सिंह, एसआई दीपक बिष्ट, राजस्व उप निरीक्षक अर्जुन सिंह समेत पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। करीब 2 घंटे तक चलाए गए अभियान में ग्रामीणों की मदद से शव को खाई से निकाला गया।
आशंका है कि नैनीताल से किलबरी की ओर जाते समय ओलावृष्टि के चलते वाहन फिसलकर अनियंत्रित हो गया होगा और खाई में गिर गया होगा। गोधन के तीन बच्चे और पत्नी है। वहीं पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। इस दौरान खुशाल सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान मोहन, मदन सुयाल, प्रकाश चंद्र, दिनेश शर्मा, सुंदर, बाबू सिंह, दीपक मटियाली, रमेश आदि थे।
दुर्घटना वाले स्थान पर नहीं था पैरापिट
नगर और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक सप्ताह से बर्फबारी और ओलावृष्टि होती रही। इससे पंगूट मार्ग पर अभी भी 2 से 3 इंच तक बर्फ की सफेद चादर बिछी है। सड़क किनारे जमे ओलों पर फिसलकर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं नैनीताल का पंगूट मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील होने के बावजूद कई स्थानों पर सड़क किनारे पैरापिट नदारद है। लोगों का कहना था कि जिस स्थान से वाहन खाई में गिरा, यदि वहां पैरापिट होते तो शायद वाहन दुर्घटनाग्रस्त नहीं होता।