नैनीताल: होली मनाने गए थे, लेकिन हो गया दर्दनाक हादसा, युवक और पिता-बेटी की मौत
- ढलान में गिर रही कार से दो ने लगाई छलांग, तीसरा कार समेत खाई में गिरा
- हिम्मतपुर ब्लॉक में हाईवे पर कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, पिता बेटी की मौत
विस्तार
उत्तराखंड के नैनीताल में होली के दिन दो जगह दर्दनाक हादसे ने तीन लोगों की जान ले ली। कोटाबाग में होली का त्योहार मनाने गए तीन दोस्तों की कार खाई में गिर गई। दो दोस्त तो जान बचाने के लिए कार से कूद गए, जबकि तीसरा कार के साथ खाई में गिर गया। इसके बाद तीनों खाई से निकलकर अस्पताल पहुंचे, जहां एक की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मंगलवार को कोटाबाग निवासी देवेंद्र बिष्ट (50) पुत्र स्व. शिव सिंह अपने दो साथियों यशपाल बिष्ट और योगेश बिष्ट के साथ अपराह्न करीब तीन बजे कार (यूए 07एच 2267) से घूमने गए थे। कोटाबाग से तीन किमी ऊपर सानडा के पास बैंड में अचानक चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और कार 300 मीटर गहरी खाई में गिरने लगी। इसी समय देवेंद्र और यशपाल ने कार से छलांग लगा दी, जबकि योगेश कार के साथ खाई में गिर गया।
बचने की कोशिश में देवेंद्र बिष्ट को गुम चोटें आईं और यशपाल सिंह और योगेश भी जख्मी हो गए। इसके बाद तीनों दोस्त गांव की एक निजी गाड़ी से सीएचसी गए, जहां डॉक्टर सलीम अंसारी ने तीनों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि यशपाल और योगेश खतरे से बाहर हैं, जबकि सिर में चोट के चलते देवेंद्र की सांस की नली में खाना फंसने से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। देवेंद्र ने हल्द्वानी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
देवेंद्र सिंह उनके दो बेटे और एक बेटी हैं और वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। बुधवार को देवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। पहाड़ पट्टी पटवारी आशा सक्सेना ने बताया कि हादसे की लिखित सूचना मिलने पर मामले की जांच पड़ताल की जाएगी।
होली मिलन से लौट रहे पिता-पुत्री की हादसे में मौत
होली मिलन के बाद घर लौट रहे पिता पुत्री की स्कूटी को बेकाबू कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी ने काशीपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। कार सवार वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है।
टांडा मल्लू निवासी संतराम (40) मंगलवार को स्कूटी (यूके-04जी-8911) से हिम्मतपुर ब्लॉक में अपने दोस्तों के यहां होली मिलने गया था। उसके साथ तीन में पढ़ने वाली बेटी ममता (9) भी थी। दोनों दोपहर बाद जब होली मिलकर लौट रहे थे तो तेज रफ्तार कार (डीएल-9सीएएम-3637) ने सामने से उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में संतराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ममता गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने बच्ची को काशीपुर के अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार को इलाज के दौरान ममता ने भी दम तोड़ दिया।
पिता के शव का पोस्टमार्टम रामनगर में हुआ तो बच्ची का काशीपुर में चिकित्सकों ने किया। देर शाम दोनों के शव घर लाए गए और रिश्तेदारों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। संतराम की पत्ना सविता का दस साल पहले निधन हो चुका है। संतराम के दो बेटे मनोज (14) और अमन (12) हैं। पीरूमदारा चौकी प्रभारी कविंद्र शर्मा ने बताया कि संतराम मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।