कारगिल युद्ध में घायल कैप्टन की पत्नी पहुंची मिसेज इंडिया ग्रैंड फिनाले में, कही दिल छूने वाली बातें
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कारगिल युद्ध में घायल कैप्टन अखिलेश सक्सेना की पत्नी शिखा सक्सेना मिसेज इंडिया क्वीन ऑफ सब्सटेंस-2018 के ग्रैंड फिनाले में पहुंच गई हैं। इस दौरान उन्होंने दिल छू लेने वाली यह बातें कही।
ग्रैंड फिनाले में उन्होंने सैनिक आश्रितों और बच्चों के लिए फंड जुटाने को विकल्प चुना। आगे पढ़िए क्या कहा. इस विकल्प को चुने जाने के पीछे शिखा ने वजह बताई कि वह एक सैनिक की पत्नी है और उन्हें सैनिक के परिवार का दर्द मालूम है। कहना है कि एक सैनिक के साथ ही उनका परिवार भी कष्ट झेलता है।
बताया कि उनके पति 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान तीन गोलियां लगने से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है। इसलिए सैनिक परिवार का कष्ट समझने के कारण उन्होंने प्रतियोगिता के लिए सैनिक के आश्रितों एवं बच्चों के लिए धनराशि जुटाने का फैसला किया है।
दून में हुई है शिखा की पढ़ाई, पिता ने की वोट की अपील
कारगिल कॉलोनी (नई दिल्ली) निवासी शिखा सक्सेना की पढ़ाई देहरादून में हुई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 13 अप्रैल को है। फिनाले में 42 प्रतिभागी पहुंचे हैं।
शिखा ने बताया कि ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों में चिल्ड्रन केयर, सोशल वर्क, डिसेबल सोल्जर फैमिली एंड चिल्ड्रन फंड रेज, वूमैन इंपावरमेंट समेत कई कैटेगरी को चुनना है और उन्होंने सैनिक आश्रितों और बच्चों के लिए फंड जुटाने का विकल्प चुना।
बताया कि कार्यक्रम में प्रोजेक्ट के अलावा वोटिंग का भी अहम रोल है। इसमें फेसबुक, ट्विटर समेत सोशल साइट्स के माध्यम से भी वोटिंग कर सकते हैं। देहरादून निवासी शिखा के पिता राजेंद्र
प्रसाद ने प्रदेशवासियों से वोट की अपील की है। कैप्टन अखिलेश सक्सेना की पत्नी शिखा सक्सेना ने देहरादून से पढ़ाई की है।