{"_id":"62c5e2c6dbd5140784237e12","slug":"cantt-board-will-provide-cloth-bag-for-five-rupees-in-garhi-dakra-and-premnagar-market-city-news-drn4165184200","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़ी डाकरा व प्रेमनगर बाजार में कैंट बोर्ड पांच रुपये में उपलब्ध कराएगा कपड़े का थैला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़ी डाकरा व प्रेमनगर बाजार में कैंट बोर्ड पांच रुपये में उपलब्ध कराएगा कपड़े का थैला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंट क्षेत्र को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए छावनी परिषद देहरादून ने गढ़ी-डाकरा और प्रेमनगर बाजार में थैला घर स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहां मात्र पांच रुपये में कपड़े का थैला मिल जाएगा। खास बात यह होगी कि थैला वापस करने पर रकम भी वापस मिल जाएगी। बुधवार को बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनिर्बन दत्ता की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी।
कैंट बोर्ड की बैठक का मुख्य मुद्दा पॉलिथीन मुक्त छावनी अभियान था। खास बात ये कि थैला घर को व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। कैंट बोर्ड अभी दो व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहा है। इनमें एक गढ़ी और दूसरा प्रेमनगर में है। इनमें महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में ये महिलाएं कपड़े के थैले तैयार करेंगी। यानी कपड़े के थैले से न केवल पॉलिथीन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी बल्कि महिलाओं के लिए यह कदम आमदनी का जरिया भी बनेगा।
इन्हें प्रति थैला कितना मेहनताना दिया जाएगा, इस पर अगली बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा। सिलाई के लिए आवश्यक संसाधन कैंट बोर्ड उपलब्ध कराएगा। थैले बनाने के लिए खास अभियान के तहत घर-घर से पुराने कपड़े एकत्र किए जाएंगे। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के तहत भी कैंट बोर्ड एक अहम कदम उठाने जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कैंट क्षेत्र में वर्मी कंपोस्टिंग पार्क की भी स्थापना की जा रही है। यहां गोबर, पत्तों, किचन वेस्ट आदि से खाद तैयार की जाएगी। पार्क के लिए जगह चिह्नित की जा रही है। आवश्यक संसाधन भी जुटाए जा रहे हैैं। बोर्ड बैठक में मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिनव सिंह, नामित सदस्य विनोद पंवार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बोर्ड बैठक में म्यूटेशन के 101 प्रकरण निपटाए
बोर्ड बैठक में म्यूटेशन के भी 101 प्रकरण निपटाए गए। यह प्रकरण पिछले कुछ वक्त से लंबित चल रहे थे। यह सभी ऑफलाइन के थे। इसके बाद सभी प्रकरण आनलाइन निपटाए जाएंगे।
पूर्व सीडीएस की प्रतिमा लगाने पर चर्चा
बैठक में देश के प्रथम सीडीएस दिवंगत बिपिन रावत की प्रतिमा लगाने पर भी चर्चा हुई। उनकी 12 फीट की प्रतिमा चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर लगाने की बात चल रही है। पर अभी इस पर सहमति नहीं बन पाई है। इसे लेकर जनरल बिपिन रावत फाउंडेशन से राय ली जा रही है।
विज्ञापन
कैंट बोर्ड की बैठक का मुख्य मुद्दा पॉलिथीन मुक्त छावनी अभियान था। खास बात ये कि थैला घर को व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। कैंट बोर्ड अभी दो व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहा है। इनमें एक गढ़ी और दूसरा प्रेमनगर में है। इनमें महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में ये महिलाएं कपड़े के थैले तैयार करेंगी। यानी कपड़े के थैले से न केवल पॉलिथीन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी बल्कि महिलाओं के लिए यह कदम आमदनी का जरिया भी बनेगा।
विज्ञापन
इन्हें प्रति थैला कितना मेहनताना दिया जाएगा, इस पर अगली बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा। सिलाई के लिए आवश्यक संसाधन कैंट बोर्ड उपलब्ध कराएगा। थैले बनाने के लिए खास अभियान के तहत घर-घर से पुराने कपड़े एकत्र किए जाएंगे। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के तहत भी कैंट बोर्ड एक अहम कदम उठाने जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कैंट क्षेत्र में वर्मी कंपोस्टिंग पार्क की भी स्थापना की जा रही है। यहां गोबर, पत्तों, किचन वेस्ट आदि से खाद तैयार की जाएगी। पार्क के लिए जगह चिह्नित की जा रही है। आवश्यक संसाधन भी जुटाए जा रहे हैैं। बोर्ड बैठक में मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिनव सिंह, नामित सदस्य विनोद पंवार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बोर्ड बैठक में म्यूटेशन के 101 प्रकरण निपटाए
बोर्ड बैठक में म्यूटेशन के भी 101 प्रकरण निपटाए गए। यह प्रकरण पिछले कुछ वक्त से लंबित चल रहे थे। यह सभी ऑफलाइन के थे। इसके बाद सभी प्रकरण आनलाइन निपटाए जाएंगे।
पूर्व सीडीएस की प्रतिमा लगाने पर चर्चा
बैठक में देश के प्रथम सीडीएस दिवंगत बिपिन रावत की प्रतिमा लगाने पर भी चर्चा हुई। उनकी 12 फीट की प्रतिमा चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर लगाने की बात चल रही है। पर अभी इस पर सहमति नहीं बन पाई है। इसे लेकर जनरल बिपिन रावत फाउंडेशन से राय ली जा रही है।