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यहां पर नहीं है प्रत्याशी को प्रचार करने की इजाजत

Sat, 19 Apr 2014 02:25 PM IST
नवनीत उनियाल, गंगादत्त थपलियाल/अमर उजाला, टिहरी
नवनीत उनियाल, गंगादत्त थपलियाल/अमर उजाला, टिहरी Updated Sat, 19 Apr 2014 02:25 PM IST
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candidate entry ban in village

नेताओं की खोखली बातों से कुखुई गांव के लोग उब चुके है। टिहरी क्षेत्र में स्थित कुखुई के लोगों का कहना है कि चुनाव आने पर ही नेताओं को समस्या और गांव की याद आती है।

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अन्य दिनों में नेता आम लोगों की चिंता छोड़कर अपने व्यक्तिगत कामों में व्यस्त रहते हैं। दरअसल कुखुई के लोगों को अपने गांव पहुंचने के लिए 12 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है।
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गांव के लोगों को सबसे अधिक समस्या किसी के बीमार पड़ने या बच्चों और वृद्वों को नाते रिश्तेदारी में ले जाने पर भुगतनी पड़ती है।

कंधे पर बिठाकर ले जाना पड़ता है अस्पताल

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चुनाव आया तो अब भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के छुटभैया नेता गांव के 600 वोटों पर सेंधमारी करने में जुट गए हैं।

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गांव की शकुंतला देवी और शैला देवी ने बताया कि इस ग्राम सभा के कुखुई तल्ली, मल्ली और बिचली में 450 परिवार निवासरत हैं।

गांव में पानी पर्याप्त है। सब्जी, फलों और दूध का पर्याप्त उत्पादन होता है। लेकिन सड़क न होने पर वे दूध और सब्जियों को बाजार तक नहीं पहुंचा पाते हैं।

तस्वीरों में देखिए, 'पाताल' में भारत का एक मतदान केंद्र

राय चंद सिंह रावत का कहना है कि गांव में किसी के बीमार होने पर उसे पालकी या फिर कंधों पर बिठाकर 12 किमी दूर सड़क तक पहुंचते हैं।

गांव में घुसने के ल‌िए करना होगा एक वादा

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हर चुनाव में नेता गांव में पहुंचकर सड़क निर्माण करने का आश्वासन देते हैं पर बाद में भूल जाते हैं। लेकिन अब गांव के लोग किसी के बहकावे में नहीं आने वाले है।

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गांव में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है जो प्रत्याशी गांव में आकर लिखित देगा कि वह सड़क निर्माण करेगा। उसी के पक्ष में मतदान करेंगे। अन्य प्रत्याशियों और छुटभैया नेताओं को अब गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।

पोलिंग पार्टी पर भी रोक

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गांव के लोगों की ओर से इस सबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि जब प्रत्याशी यह लिखकर देगा कि उनके गांव तक सड़क बनाने की जिम्मेदारी उसकी होगी, तभी गांव में पोलिंग पार्टी को भेजना।

तस्वीरों में देखिए, 'पाताल' में भारत का एक मतदान केंद्र

ज्ञापन पर दिवान सिंह रावत, सुभाष रावत, भगवान नाथ, गीता देवी, केसर सिंह, सोबन सिंह, गीता देवी, जगदीश सिंह सहित सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर है।
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