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कोरोना पीड़ित परिवारों के बिल लौटाने को चलेगा अभियान
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देहरादून। कोरोना मरीजों से निजी अस्पतालों द्वारा वसूले गए निर्धारित से ज्यादा शुल्क को लौटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव थापर ने कहा कि उत्तराखंड में भी कई लोगों से मनमाना शुल्क वसूला गया। तय से अधिक वसूल गए शुल्क को मरीजों अथवा उनके परिजनों को लौटाने के लिए उत्तराखंड में अभियान चलाया जाएगा।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह बात कही। थापर ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार द्वारा जून 2020 में निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए शुल्क निर्धारित किया गया था। फिर भी कई मरीजों से लाखों रुपये वसूले गए। इसे देखते हुए आमजन को शुल्क वापसी उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई। उन्होंने दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। पत्रकार वार्ता में मौजूद उत्तरकाशी से सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल रावत, हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता अमित पंत, संग्राम सिंह पुंडीर और राज्य आंदोलनकारी टिहरी से देवेंद्र नौडियाल ने भी इस अभियान में साथ देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उन्होंने ऐसे कोरोना पीड़ितों और परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9870807913 (व्हाट्सएप) और ईमेल आईडी abhinavthaparuk@gmail.com भी जारी किया।
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उत्तरांचल प्रेस क्लब में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह बात कही। थापर ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार द्वारा जून 2020 में निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए शुल्क निर्धारित किया गया था। फिर भी कई मरीजों से लाखों रुपये वसूले गए। इसे देखते हुए आमजन को शुल्क वापसी उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई। उन्होंने दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। पत्रकार वार्ता में मौजूद उत्तरकाशी से सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल रावत, हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता अमित पंत, संग्राम सिंह पुंडीर और राज्य आंदोलनकारी टिहरी से देवेंद्र नौडियाल ने भी इस अभियान में साथ देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उन्होंने ऐसे कोरोना पीड़ितों और परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9870807913 (व्हाट्सएप) और ईमेल आईडी abhinavthaparuk@gmail.com भी जारी किया।
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