कोली की फांसी पर रोक के लिए चलेगा अभियान
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निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की फांसी पर रोक लगाने के लिए उत्तराखंड में अभियान चलाया जाएगा।
वरिष्ठ साहित्यकार, समयांतर के संपादक पंकज बिष्ट और सल्ट के जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा है कि निठारी कांड में गरीब, साधनहीन सुरेंद्र कोली को संपन्न लोगों ने फंसाया है।
उन्होंने कहा कि जब तक निठारी कांड के पांच अन्य मामलों में फैसला नहीं हो जाता तब तक सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा पर रोक लगे। इसके लिए उत्तराखंड में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाकर राष्ट्रपति से अपील की जाएगी। मुख्यमंत्री से भी इस मामले में राष्ट्रपति से पहल करने का आग्रह किया गया है।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि 2007 में केंद्र सरकार की उप सचिव मंजुला कृष्णा कमेटी ने जांच में पाया कि निठारी कांड में बच्चों की हत्या प्रशिक्षितों ने सर्जिकल औजारों से की थी।
मामले में न्यायालय कराए नए सिरे से जांच
बरामद शवों से बच्चों के शारीरिक अंग गायब थे। उस क्षेत्र के निजी अस्पतालों में इस दौरान हुए मानव अंगों के ट्रांसप्लांट की जांच की जानी चाहिए थी, ताकि वास्तविकता सामने आती।
उन्होंने मांग की कि सुरेंद्र कोली मामले में न्यायालय नए सिरे से जांच कराए। कोली गरीब असहाय और दलित वर्ग से है। वह अपने पक्ष में कोई बड़ा वकील खड़ा नहीं कर पाया जिससे उसका पक्ष अदालतों में सही तरीके से नहीं आ पाया।
उन्होंने कहा कि इसे लेकर राज्यभर में जनजागरण कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और राष्ट्रपति से अपील की जाएगी। साथ ही सभी मामलों में दी जाने वाली मृत्युदंड की सजा आजीवन कारावास में बदलने की भी मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों में रोजगार कर रहे उत्तराखंड के लोग आए दिन अन्याय का शिकार होते हैं। उत्तराखंड सरकार को चाहिए कि वह राज्यवासियों के हितों रक्षा के लिए एक अलग विभाग बनाए।
जो कि उनके हितों की रक्षा कर सके। इस अवसर पर उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट, पूरन चंद्र तिवारी भी मौजूद थे।