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Dehradun News: अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने मसूरी में गोरखा समाज से एकजूट होने की अपील
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अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोरखा समाज को एकजुट करने के लिए गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल गुरुंग अपनी टीम संग शहर पहुंचे। इस दौरान कुलड़ी स्थित होटल में समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 10 और 11 दिसंबर को दिल्ली के छतरपुर मंदिर में राष्ट्रीय गोष्ठी में अलग राज्य की मांग को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
गुरुंग ने कहा कि अलग गोरखालैंड राज्य की मांग भारत के संविधान के तहत की मांग की जा रही है। कहा कि दिल्ली के छतरपुर मंदिर में होने वाली राष्ट्रीय गोष्ठी में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग की लड़ाई को शांति पूर्वक कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसकी रणनीति बनाई जाएगी। कहा कि भारत की आजादी और विकास में गोरखा समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन आज तक समाज को पहचान नहीं मिल सकी। कहा कि गोरखा समाज की मांग को सरकार को पूरा करना चाहिए। मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल लोपचन ने कहा कि राष्ट्रीय गोष्ठी में देशभर के गोरखा समाज के लोग पहुंचेंगे और गोरखालैंड की मांग को लेकर रणनीति बनाएंगे।
कहा कि भारत में आज तक गोरखा समाज को उनकी पहचान नहीं मिली है। अपने अस्तित्व और पहचान के लिए समाज शांतिपूर्वक मांग भारत सरकार से कर रहा है। मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि गोरखा समाज अपनी राष्ट्रीय पहचान की लड़ाई लड़ रहा है। उनकी मांग पर भारत सरकार को विचार करना चाहिए। इस मौके पर गोरखा समाज के मनोज शंकर, सूरज सुब्बा, नमन राय, सोनम, सूरज सुराय, जितेंद्र सरीन, दीपेन निरौला, जगजीत कुकरेजा, नागेंद्र उनियाल, सलीम, राजेश शर्मा आदि मौजूद थे। इससे पूर्व गुरुंग का शाल पहनाकर स्वागत किया गया।
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गुरुंग ने कहा कि अलग गोरखालैंड राज्य की मांग भारत के संविधान के तहत की मांग की जा रही है। कहा कि दिल्ली के छतरपुर मंदिर में होने वाली राष्ट्रीय गोष्ठी में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग की लड़ाई को शांति पूर्वक कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसकी रणनीति बनाई जाएगी। कहा कि भारत की आजादी और विकास में गोरखा समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन आज तक समाज को पहचान नहीं मिल सकी। कहा कि गोरखा समाज की मांग को सरकार को पूरा करना चाहिए। मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल लोपचन ने कहा कि राष्ट्रीय गोष्ठी में देशभर के गोरखा समाज के लोग पहुंचेंगे और गोरखालैंड की मांग को लेकर रणनीति बनाएंगे।
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कहा कि भारत में आज तक गोरखा समाज को उनकी पहचान नहीं मिली है। अपने अस्तित्व और पहचान के लिए समाज शांतिपूर्वक मांग भारत सरकार से कर रहा है। मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि गोरखा समाज अपनी राष्ट्रीय पहचान की लड़ाई लड़ रहा है। उनकी मांग पर भारत सरकार को विचार करना चाहिए। इस मौके पर गोरखा समाज के मनोज शंकर, सूरज सुब्बा, नमन राय, सोनम, सूरज सुराय, जितेंद्र सरीन, दीपेन निरौला, जगजीत कुकरेजा, नागेंद्र उनियाल, सलीम, राजेश शर्मा आदि मौजूद थे। इससे पूर्व गुरुंग का शाल पहनाकर स्वागत किया गया।
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