व्यापारी आत्महत्याः कांग्रेस विधायक से होगी पूछताछ!
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गुप्तकाशी के व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल खुदकुशी प्रकरण में केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत और अन्य आरोपियों से पुलिस जल्द पूछताछ कर सकती है। पुलिस ने इसके संकेत भी दिए हैं।
कांग्रेस विधायक शैलारानी और अन्य पर व्यापारी को खुदकुशी के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप है। व्यापारी की ओर से कथित रूप से लिखे सुसाइड नोट और पुराने दस्तावेजों को भी पुलिस जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजेगी। फिलहाल मामले में पुलिस ने ओमप्रकाश के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं।
बता दें कि 19 सितंबर को व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल ने आत्महत्या कर दी थी। उनकी पत्नी की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत समेत दस लोगों और संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
सुसाइड नोट की होगी फोरेसिंक जांच
पुलिस की जांच भी सुसाइड नोट के इर्द गिर्द ही घूम रही है। पुलिस ओमप्रकाश के सुसाइट नोट की हैंड राइटिंग मिलाने के लिए उनके पुराने दस्तावेजों को फोरेंसिक लैब देहरादून भेज रही है।
पुलिस अधीक्षक बीजे सिंह ने बताया कि व्यापारी के पूर्व में लिखे गए दस्तावेजों के सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने मामले में परिजनों के बयान लेने की पुष्टि की। बताया कि जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
भाजपाइयों ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
आपदा राहत राशि वितरण में भेदभाव और भ्रष्टाचार के विरोध में भाजपाइयों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कपरवाण तथा अन्य भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केदारनाथ आपदा के मुआवजा वितरण में गड़बड़ियां की गई हैं जिस कारण गुप्तकाशी के व्यापारी को आत्महत्या जैसा कदम भी उठाना पड़ा। कहा कि पूरे प्रकरण में केदारनाथ विधायक का नाम भी सामने आ रहा है, लेकिन उन्हें बचाने के लिए सरकार पुलिस पर दबाव बना रही है।
व्यापार संघ ने आरोपों को बताया निराधार
केदारनाथ आपदा में मुआवजा वितरण के बंदरबांट के आरोप को संयुक्त व्यापार संघ ने निराधार बताया है। संघ का कहना है कि व्यापारियों ने अपनी दुकान में रखी सामग्री का स्वमूल्यांकन कर व्यापार संघों को सूची उपलब्ध कराई है। इन सूचियों को एकत्र कर प्रशासन को सौंपा गया है।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रेम सिंह सजवाण, उपाध्यक्ष देवी प्रसाद गोस्वामी, महामंत्री शिव प्रसाद बगवाड़ी व कोषाध्यक्ष रामप्रकाश पुरोहित ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में संयुक्त व्यापार संघ की भूमिका केवल संघर्ष के बाद सहायता राशि स्वीकृत कराने तक ही है। अगर मुआवजा वितरण में कोई गड़बड़ी है तो मुआवजा राशि लेने वाला व्यापारी ही इसके लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की जांच का संयुक्त व्यापार संघ स्वागत करता है। पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ व्यापारी संघ की छवि को धूमिल करने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।