फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun: license fee will not applicable on business

लाइसेंस फीस पर निगम बैकफुट पर, नहीं होगा लागू, मेयर ने स्थगित किया प्रस्ताव

Tue, 28 Jan 2020 11:20 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Tue, 28 Jan 2020 11:20 AM IST
सार

  • व्यापारियों ने निर्णय का किया स्वागत, बधाई दी

विज्ञापन
Dehradun: license fee will not applicable on business
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

लाइसेंस फीस पर निगम प्रशासन बैकफुट पर आ गया है, अब यह लागू नहीं होगा। सोमवार को प्रदर्शन करने पहुंचे व्यापारियों से मुलाकात के बाद मेयर सुनील उनियाल गामा ने लाइसेंस फीस का प्रस्ताव स्थगित कर दिया है। इस पर व्यापारियों ने उनके निर्णय का स्वागत किया और बधाई दी। 

विज्ञापन


लाइसेंस फीस को लेकर कई दिन से हो रहे व्यापारियों के विरोध को देखते हुए निगम ने लाइसेंस फीस लागू करने का प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया है। व्यापारियों के तीन फरवरी को देहरादून बाजार बंद के एलान के बाद मेयर ने लाइसेंस शुल्क निरस्त करने के आदेश दिए। उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जब भी लाइसेंस शुल्क पर विचार होगा, व्यापारियों से रायशुमारी की जाएगी। 
विज्ञापन


निगम प्रशासन ने अपनी सीमा में होने वाले व्यवसाय पर सालाना व्यवसायिक शुल्क लगाने की कवायद में लाइसेंस फीस लागू करने का निर्णय लिया था। इसके तहत हाउस टैक्स के अलावा अस्पताल, होटल-रेस्टोरेंट, शराब की दुकानों, बैंक्वेट हॉल, ट्रासंपोर्टर, कोचिंग सेंटर, निजी स्कूल समेत 111 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर 500 से एक लाख सालाना लाइसेंस फीस लेने की योजना बनाई थी। वर्ष 1999 में 30 श्रेणी में लाइसेंस शुल्क लागू थे, जिसे अब 111 श्रेणी कर दी गई थी। निगम की ओर से 19 जनवरी को प्रस्तावित शुल्क सार्वजनिक कर इस पर आपत्तियां मांगी थीं। उसके बाद से व्यापारी सड़क पर आंदोलन कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार को दर्जनों व्यापारी संगठन एकजुट होकर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि केंद्र सरकार ने जब जीएसटी लागू किया था,  उस समय कहा गया था कि सभी प्रकार के टैक्स इसमें शामिल हैं। लेकिन, अब लाइसेंस फीस लागू की जा रही है। जब वकीलों से लाइसेंस शुल्क वापस ले लिया गया तो व्यापारियों को भी इससे मुक्त रखा जाए। इस बीच मेयर सुनील उनियाल गामा निगम पहुंचे। उन्होंने लाइसेंस फीस की दरों को अव्यवहारिक मानते हुए इसे स्थगित कर दिया। 

बात हितों की आई तो लंबे समय बाद एकजुट हुए व्यापारी

नगर निगम की ओर से व्यापारियों पर भारी-भरकम लाइसेंस शुल्क की घोषणा क्या हुई कि पार्टीवाद छोड़कर सभी व्यापारी एक झंडे के नीचे आ गए। व्यापारियों की इसी एकजुटता का नतीजा रहा कि नगर निगम को अपनी योजना लागू करने से पहले बैकफुट पर आना पड़ा और लाइसेंस शुल्क न लेने का एलान करना पड़ा।

विभिन्न मुद्दों को लेकर भारत बंद हो या अतिक्रमण के खिलाफ बंद। दून का व्यापारी आज तक विभिन्न धड़ों में ही बंटा रहा। चाहे बंद या आंदोलन का एलान व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था ‘दून उद्योग व्यापार मंडल’ का ही क्यों न हो। हमेशा से व्यापारी भाजपा, कांग्रेस या अन्य गुटों में बंट जाते थे। एक गुट बंद या आंदोलन का आह्वान करता दूसरा सरकार के समर्थन में खड़ा हो जाता था। जिसकी वजह से इनके आंदोेलन सफल नहीं हो पाते थे। इसका सीधा फायदा सरकार को मिलता था। लेकिन जब बात सभी के हितों की आई तो व्यापारियों ने पार्टीवाद को किनारा किया।


भाजपा का गुट हो या कांग्रेस सभी दून व्यापार मंडल के बैनर तले खड़े हो गए। हालांकि, शुरूआत में इसमें भी असमंजस रहा। पहले व्यापारी गुटों में मेयर और सरकार से शुल्क वापसी की मांग करते दिखे। लेकिन, न तो मेयर और न सरकार ने इसका संज्ञान लिया। मेयर भी इसको लेकर व्यापारियों को टरकाते रहे। लेकिन जब बात नहीं बनी तो शनिवार को दून व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों की गीता भवन में बैठक आयोजित की गई। इसमें शहर के तमाम व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी से आह्वान किया गया कि वह पार्टीवाद छोड़कर व्यापारियों के हितों को देखें। जिसके बाद सभी ने एकजुट होकर प्रदर्शन और दून बंद का एलान किया। व्यापारियों की इसी एकजुटता का परिणाम रहा कि नगर निगम को बैकफुट पर आना पड़ा और लाइसेंस फीस लेने की योजना से हाथ पीछे खींचने पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed