मोदी की बुलेट ट्रेन से कम नहीं है 'बुलेट' कांवड़
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भले ही अभी मोदी की ‘बुलेट’ ट्रेन ट्रैक पर नहीं दौड़ रहीं हो, लेकिन भोले के भक्तों की ‘बुलेट’ कांवड़ सड़कों पर सरपट दौड़ने लगी है।
‘बुलेट’ ट्रेन को तो लाल झंडी दिखाकर कहीं रोका भी जा सकता है, लेकिन भोले बाबा की इस डाक कांवड़ पर प्रशासन की किसी रौब का असर नहीं दिख रहा।
‘बुलेट’ कांवड़ की बेलगाम रफ्तार और डीजे की तेज धुन के सामने पुलिस-प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। हाईवे से लेकर संपर्क मार्गों पर हर ओर शिव के भक्तों का बोलबाला है।
शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ पर हरिद्वार के पवित्र गंगा के जल से अभिषेक को अब मात्र दो दिन बचे हैं। ऐसे में वाहनों से हजारों किमी की यात्रा कर हरिद्वार से जल लेकर जाने का सिलसिला तेज हो चला है।
बुलेट कांवड़ के आगे प्रशासन नतमस्तक
दिल्ली-देहरादून और दिल्ली-हरिद्वार सहित पुरकाजी-लक्सर और मंगलौर-लक्सर मार्गों पर अब डाक कांवड़ियों का राज है। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस के जवान भी व्यवस्था को कंट्रोल करने में असहाय नजर आने लगे हैं।
भोले बाबा की डाक कांवड़ अपनी तेज रफ्तार के आगे किसी को सुनने का मौका नहीं दे रही है। बस, सुनाई दे रही है तो भोले के भक्ति मय संगीत की धारा। मंगलवार रात से बुधवार दिनभर कांवड़ के वाहन हरिद्वार जाने और वहां से जल लेकर लौटने का क्रम बढ़ता ही चला गया।
अब तो हाल यह हो गया है कि जिन खास प्वाइंटों पर पुलिस के जवान कांवड़ियों को दिशा निर्देश देते नजर आ रहे थे। अब उन सभी जगहों पर एक के पीछे एक कर वाहन दौड़ रहे हैं और पुलिस हाथ बांधकर खड़ी नजर आ रही है।