Uttarakhand: आम बजट...छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप ने औद्योगिक विकास और प्रोत्साहन को लेकर लगाई उम्मीदें
स्टार्टअप के लिए गारंटी कवर में दोगुनी बढ़ोतरी कर 20 करोड़ किया है। इसके अलावा पहली बार काम करने वाली 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना में शामिल कर पांच साल में दो करोड़ तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड के आम बजट से छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप ने औद्योगिक विकास और प्रोत्साहन को लेकर उम्मीदें लगाई हैं। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि बजट में सरकार को नॉन प्लान का खर्च कम कर योजनाओं के लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करना चाहिए।
प्रदेश के स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योगों को रोजगार व उत्पादन के आधार पर विशेष प्रोत्साहन देना चाहिए। इससे राज्य के उत्पादों को बाजार मिलेगा। वहीं, लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मेक इन इंडिया और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने का प्रावधान किया है।
ये भी पढ़ें..Uttarakhand: ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण में दून एयरपोर्ट को देशभर में दूसरा स्थान, AAI की ओर से कराया गया सर्वे
इससे आगामी पांच वर्षों में एमएसएमई को 1.5 लाख करोड़ का अतिरिक्त क्रेडिट मिलेगा। इसके अलावा स्टार्टअप के लिए गारंटी कवर में दोगुनी बढ़ोतरी कर 20 करोड़ किया है। इसके अलावा पहली बार काम करने वाली 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना में शामिल कर पांच साल में दो करोड़ तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा। इसी तर्ज पर प्रदेश सरकार ने बजट में एमएसएमई व स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का प्रावधान कर सकती है।