फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Budget 2022: Ropeway development in Uttarakhand

बजट 2022: उत्तराखंड में रोपवे विकास की जगी उम्मीद , कनेक्टिविटी की परेशानी होगी दूर

Wed, 02 Feb 2022 10:44 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क , अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क , अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 02 Feb 2022 10:44 AM IST
सार

बजट में 60 किमी की आठ रोपवे परियोजनाओं का जिक्र किया गया है। यदि इनमें से आधी या इससे कुछ योजनाएं भी उत्तराखंड की हिस्से में आती हैं तो राज्य के पर्यटन को इससे बहुत फायदा होगा। 

विज्ञापन
Budget 2022:  Ropeway development in Uttarakhand
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट में देश के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में एक्सप्रेसवे के निर्माण और राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम की घोषणा के बाद उत्तराखंड में बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद जगी है। 

विज्ञापन


पर्वतीय राज्य होने के नाते यहां रोपवे कनेक्टिविटी की जरूरत के साथ ही अपार संभावनाएं भी हैं। सीमांत प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे भी विकास के नए द्वार खोलेंगे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घोषणा के अनुरूप उत्तराखंड को इससे कितना लाभ होगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें ... Budget 2022 : उत्तराखंड के लिए उम्मीदों का बजट, पहाड़ में रोपवे और सरहद पर रोड कनेक्टिविटी लेगी विस्तार
विज्ञापन
विज्ञापन


 
यात्रियों के संपर्क और सुविधाओं को भी होगा इजाफा
केंद्रीय बजट प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2022-23 में देश में 25 हजार किमी राजमार्गों के विकास के साथ ही सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल पर रोपवे विकास कार्यक्रम को लागू करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत सड़कों के पारिस्थितिकीय रूप से टिकाऊ विकल्प के रूप में राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी माध्यम से लागू किया जाएगा।

 इन दोनों योजनाओं को दुर्गम पहाड़ी इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया जाएगा। पर्यटन उत्तराखंड प्रदेश की आर्थिकी के प्रमुख स्रोतों में से एक है। बजट में 60 किमी की आठ रोपवे परियोजनाओं का जिक्र किया गया है। यदि इनमें से आधी या इससे कुछ योजनाएं भी उत्तराखंड की हिस्से में आती हैं तो राज्य के पर्यटन को इससे बहुत फायदा होगा। इसके अलावा यात्रियों के संपर्क और सुविधाओं को भी इजाफा होगा। इसके साथ ही यह उत्तराखंड के पर्यावरण की दृष्टि से भी मुफीद है। 

केदारनाथ, हेमकुंड और रानीबाग रोपवे पाइप लाइन में 

उत्तराखंड में एनएचएआई पहले से तीन प्रमुख रोपवे के निर्माण पर काम कर रहा है। इनमें रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुठ से केदारनाथ मंदिर तक रोपवे, चमोली जिले में गोविंदघाट-घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक और नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर रोपवे लिंक शामिल हैं। एनएचएआई ने पिछले दिनों इन रोपवे निर्माण के लिए फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं।

 
प्रस्तावि रोपवे लिंक परियोजनाएं 
रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुठ से केदारनाथ मंदिर - 8.5 किमी
 चमोली जिले में गोविंदघाट-घांघरिया से हेमकुंड साहिब -  8.8 किमी 
नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर रोपवे लिंक - 12 किमी
(तीन परियोजनाओं की कुल लंबाई 29 किमी है।)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed