रक्षाबंधन से एक दिन पहले छूटा बहनों का साथ, 'अब मुझे राखी कौन बांधेगा' बोलकर रोते रहे भाई
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रक्षाबंधन से एक दिन पहले कनिका और वर्षा की मौत से उनके परिवार में कोहराम मच गया है। मौत की खबर सुनते ही भाईयों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। इसी बीच दोनों के परिजन अस्पताल दौड़े आए।
कनिका और वर्षा का शव देखते ही मां-बाप और उनके भाई बेसुध हो गए। रिश्तेदारों ने बमुश्किल भाइयों को ढांढस बधाया। कनिका का भाई रोहित (बिट्टू) बीच-बीच में होश आने पर यही बोलता रहा अब मुझे राखी कौन बांधेगा। यही हाल वर्षा के भाई गोपाल और भूपेंद्र का था।
दून अस्पताल की इमरजेंसी के पास मातम छाया था। हर किसी की आंखें नम थी और लोग कनिका और वर्षा के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। कनिका के पिता डीवी शर्मा और भाई रोहित को लोग संभाल रहे थे।
काश हेलमेट का लॉक लगा होता...
दोनों ही रोते-रोते कई बार बेसुध हो गए। ओएनजीसी में कार्यरत डीवी शर्मा बार-बार यही पुकार रहे थे उनकी बेटी मंदिर गई है। वह लौटकर घर आने वाली है। भाई रोहित की कनिका लाडली थी। रोहित खुद को संभाल नहीं पाया।
बार-बार यहीं कहता रहा वह अब किससे राखी बंधवाएगा। वर्षा भी चार भाई बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन की शादी के बाद वह अपने भाई गोपाल और भूपेंद्र की लाडली थी। उसकी मौत से गोपाल और भूपेंद्र टूट गए। गोपाल मैक्स अस्पताल और भूपेंद्र बैंक में नौकरी करता है।
स्कूटी कनिका शर्मा चला रही थी। कनिका ने हेलमेट पहना था, लेकिन उसका लॉक नहीं लगा था। टैंकर की टक्कर से स्कूटी के अनियंत्रित होकर गिरते ही कनिका के सिर से हेलमेट छटक गया। इससे कनिका और वर्षा सिर के बल सड़क पर गिरे और सिर में गंभीर चोट लगने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।