उत्तराखंड: सामरिक महत्व की 14 नई सड़कें, पांच हेलीपोर्ट और दो सुरंग बनाएगा बीआरओ, बहुआयामी अभियान को हरी झंडी
राज्यपाल ने बीआरओ के बहुआयामी अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बीआरओ की कार्ययोजना की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य एवं केंद्र सरकार से इस पैकेज के लिए वार्ता करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीमा सड़क संगठन प्रदेश में सामरिक महत्व की 14 नई सड़कें, 5 हेलीपोर्ट, दो सुरंग बनाएगा और दो हवाई पट्टियों का विस्तार करेगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर 13,707 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है। राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की मौजूदगी में बीआरओ अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ये जानकारी दी।
राजभवन में राज्यपाल के सामने प्रस्तुतिकरण में बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड में सामरिक महत्व एवं आर्थिक विकास की दृष्टि से 14 नई सड़कों, 5 हेलीपोर्ट, दो हवाई पट्टियों (गौचर तथा नैनीसैनी के विस्तारीकरण) एवं दो सुरंगों के निर्माण के लिए कार्य योजना बनाई है। राज्यपाल ने बीआरओ के बहुआयामी अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
815 किमी लंबाई की प्रस्तावित सड़कों की लागत 9250 करोड़, 5 हेलीपोर्ट की लागत 77.50 करोड़, दो हवाई पट्टियों की लागत 120 करोड़ एवं दो सुरंगों की लागत 4260 करोड़ आंकलित की गई है। इनके लिए कुल 13707 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। राज्यपाल ने बीआरओ की कार्ययोजना की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य एवं केंद्र सरकार से इस पैकेज के लिए वार्ता करेंगे।
राज्यपाल ने सचिव डॉ.रंजीत सिन्हा को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्ययोजना को मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री व मुख्य सचिव को पत्र प्रेषित कर साझा करें। साथ ही संबंधित सचिवों को भी कार्ययोजना साझा करते हुए उनके सुझाव तय तिथि के भीतर राजभवन को भेजने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि इस कार्ययोजना के लिए केंद्रीय मंत्रियों से भी वार्ता कर प्रोजेक्ट की फंडिग के लिए कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव के साथ बैठक कर परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्णय लिया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि बीआरओ की उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक विकास में अहम भूमिका है। सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बीआरओ को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
ये भी पढ़ें...धर्म संसद नहीं महापंचायत: स्वामी आनंद स्वरूप का बयान, कहा-धारा 144 लगाकर विवाद को जन्म दे रहा प्रशासन, पुलिस अलर्ट
मंगलवार को बीआरओ द्वारा प्रारंभ किया गया बहुआयामी अभियान (मल्टी डाइमेंशनल एक्सपेडिशन) भारत की आजादी के अमृत महोत्सव के साथ-साथ बीआरओ के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया है। राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्र निर्माण की थीम के साथ प्रारंभ किए गए इस अभियान के तहत बीआरओ के दल द्वारा बहु आयामी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
उत्तराखंड के युवाओं को सीमा सड़क संगठन से जोड़ने का उद्देश्य
इसमें पंगारचूला चोटी का आरोहण, गंगा में रिवर राफ्टिंग, रुड़की से दिल्ली तक दौड़ और देहरादून-चंडीगढ़-नई दिल्ली साइकिल यात्रा भी शामिल है। इस अभियान का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को सीमा सड़क संगठन से जोड़ने का है। इस अवसर पर अभियान को फ्लैग ऑफ करते हुए राज्यपाल ने सभी प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर बीआरओ ने जो इच्छा शक्ति दिखाई है, वह सराहनीय है। इस तरह के इच्छा शक्ति सीमावर्ती क्षेत्रों को मजबूत करती है। इस अवसर पर बीआरओ के ब्रिगेडियर राजीव श्रीवास्तव, कर्नल सोमेन्द्र चौधरी, कर्नल मनीष कपिल, कर्नल जयंत वानरे, लेफ्टिनेंट कर्नल सुरेश कुमार, बीआरओ के डॉ.संजीव कुमार व रविशंकर सिंह सहित इस अभियान से जुड़े प्रतिभागी उपस्थित रहे।