केदारनाथ: 3 पुल गायब, धाम में फंसी निम टीम
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केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में जुटे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीम को उस समय झटका लगा जब उन्होंने धाम को जोड़ने वाले तीन पुलों को गायब पाया। एक बीमार के इलाज को ले जा रही निम की टीम को इसके चलते लौटना पड़ा।
दरअसल, इन पुलों को लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने बिना निम की जानकारी के हटा दिया था। निम ने इस पर नाराजगी जताई तो मामला मुख्यमंत्री हरीश रावत तक जा पहुंचा। अब पीडब्लूडी इसे रुटीन की कार्यवाही बताते हुए पुलों को शीघ्र जोड़ने की बात कह रहा है।
केदारनाथ में काम कर रही निम की टीम से बात किए बिना ही पीडब्लू़डी द्वारा भीमबली, रामबाड़ा और गौरीकुंड के पास करीब 200 मीटर स्पान (चौड़ाई) के तीन पुलों को हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
बताया जाता है कि दो दिन पहले इन पुलों को हटा दिया गया। दरअसल पुलों को हटाने की बात तब सामने आई जब निम की टीम एक बीमार को पैदल रास्ते से गुप्तकाशी ले जा रही थी। पुलों को गायब होने से इन लोगों को वापस लिनचोली लौटना पड़ा।
खींचतान के रूप में देखा जा रहा मामला
पुलों के हटाए जाने पर निम के प्राचार्य अजय कोठियाल ने खासी नाराजगी जताई। कोठियाल के मुताबिक केदारनाथ में मौसम खराब होने पर केवल पैदल रास्ता ही बचता है। जब निम की टीम केदारनाथ में मौजूद है तो पुल हटाने नहीं चाहिए थे।
मामले को लोक निर्माण विभाग और निम के बीच की खींचतान के रूप में भी देखा जा रहा है। केदारनाथ में इस समय लोक निर्माण विभाग की तरफ से ही निम केदारनाथ में सक्रिय है। हालांकि लोक निर्माण विभाग इसे सामान्य कार्यवाही बता रहा है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण इस समय सरकार की प्राथमिकता में है।
खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत का निर्देश है कि यहां 15 जनवरी तक अधिकतर काम पूरा कर लिया जाए। मामला शाम होते-होते मुख्यमंत्री तक भी जा पहुंचा जिसे गंभीर होता देख पीडब्लूडी ने पुलों को तुरंत जोड़ने की बात कही है। फिलहाल, रविवार की देर शाम तक निम से मिली जानकारी के मुताबिक पुल जोड़े नहीं गए थे।
जिम्मेदारों का है कहना
सवाल पु़लों को तोड़ने और जोड़ने का नहीं है। सवाल उन तमाम लोगों के विश्वास का है जो केदारनाथ में जान जोखिम में डाल कर काम कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं सामने आएंगी तो उन लोगों को क्या लगेगा कि वे जो काम कर रहे हैं उन्हें कोई सपोर्ट करने वाला नहीं है।
-अजय कोठियाल, प्राचार्य निम
बंद हो गई निम की आवाजाही
बर्फबारी के बावजूद निम की करीब 250 लोगों की टीम केदारनाथ में डटी है। इस समय केदारनाथ में ध्वस्तीकरण से लेकर प्री फेब्रीकेटेड हट (रेडीमेड आवास) बनाने का काम चल रहा है। जून 2013 की आपदा ने गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच गौरीकुंड, भीमबली और रामबाड़ा में पुलों को ध्वस्त कर दिया था। इन स्थानों पर लोक निर्माण विभाग ने बाद में स्टील गार्डर के पैदल पुल लगाए थे। इन्हीं पुलों को दो दिन पहले हटा दिया था। ऐसे में निम के लोगों के लिए आवाजाही का रास्ता बंद हो गया।
लोक निर्माण विभाग की यह सामान्य कार्यवाही है। बर्फबारी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के वक्त पुलों को हटा दिया जाता है। निम ने इस मामले को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के सामने रखा था। पुलों को तुरंत जोड़ने का आदेश दे दिया गया है।
-अमित नेगी, सचिव लोक निर्माण विभाग