भारत-चीन सीमा पर बर्फीले तूफान से हुआ हिमस्खलन, लिपुलेख मार्ग पर 120 फीट लंबा पुल ध्वस्त
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में शुक्रवार को बर्फीला तूफान आने के बाद हिमस्खलन हो गया। इससे तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर चंफू नाले पर एक वर्ष पूर्व बना 120 फीट लंबा पुल ध्वस्त हो गया है। हालांकि, हिमस्खलन से अन्य किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
चीन सीमा के लिए निर्माणाधीन सड़क पर छियालेख और गर्ब्यांग के बीच चंफू नाले पर सीमा सड़क संगठन ने हाल ही में 80 लाख रुपये की लागत से 120 फीट लंबे पुल का निर्माण किया था।
आईटीबीपी सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को बारिश के बाद क्षेत्र में जबरदस्त बर्फीला तूफान आया। इस दौरान हुए हिमस्खलन से पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। आईटीबीपी से मिली जानकारी के अनुसार बर्फीले तूफान से जनहानि या अन्य किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। आईटीबीपी की ओर से पुल ध्वस्त होने की सूचना सीमा सड़क संगठन और प्रशासन को दे दी गई है।
बेहद कठिन परिस्थितियों में हुआ है पुलों का निर्माण
चीन सीमा के लिए बनाई जा रही सड़क पर पुलों का निर्माण बेहद कठिन परिस्थितियों में हुआ है। पुलों के निर्माण के लिए अधिकांश सामान हेलीकाप्टरों से पहुंचाया जाता है। सीमा के लिए बन रही सड़क पर अब तक तवाघाट से नजंग तक 26 किमी और चीन सीमा की ओर से बूंदी गांव तक 51 किमी सड़क की कटिंग का काम पूरा हो चुका है।
इस सड़क पर अब तक 100 फीट से अधिक लंबाई के नौ पुल बन चुके हैं। इनमें से चंफू नाले में बना पुल 120 फीट लंबा था। इस पुल के ध्वस्त होने से सीमा के लिए बन रही सड़क की कटिंग की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
चीना सीमा के लिए बन रही सड़क को चंफू नाले के पास जोड़ने वाले 120 फीट लंबे पुल के बहने की सूचना है। अन्य कोई जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, शनिवार को सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर भेजी जाएगी।
-डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, डीएम पिथौरागढ़