इधर बाप की अर्थी उठी, दूसरी तरफ बेटी की डोली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटी की बारात आने के दौरान गांव में जश्न का माहौल था। बारात तय समय पर गांव में पहुंची, लेकिन इसी दौरान दुल्हन के पिता की हार्टअटैक होने से मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही दोनों तरफ के लोग गम में डूब गए। फिर दोनों तरफ के लोगों ने मिलकर शव का अंतिम संस्कार किया तब बेटी की डोली विदा की गई।
हरिद्वार के सुल्तानपुर क्षेत्र में भोगपुर के रहने वाले रामभरोसे की पांच बेटियां है। बड़ी बेटी अनुराधा की बारात रविवार को झाबरी गांव से आ रही थी। उनका पूरा परिवार और रिश्तेदार बारात के स्वागत के लिए तैयार थे। बारात गांव के बाहर पहुंची तो परिजन स्वागत के लिए तैयार थे तभी रामभरोसे लड़खड़ाकर गिर गए।
उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गांव में मातम छा गया। उनका अंतिम संस्कार करने के बाद शादी की रस्में बेहद सादगी के साथ संपन्न हुई। रामभरोसे की पत्नी संजा देवी तथा चार बेटी अंजलि, दिव्या, काजल और मोहिनी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाएं उन्हें दिलासा दे रही हैं।
जिस घर से निकलनी थी बारात उठी अर्थी
कुदरत की करामात खुशियां में कब खलल डाल दे, इसकी बानगी बादशाहपुर गांव में देखने को मिली। जिस घर से दूल्हे की घुड़चढ़ी होनी थी, मगर वहां महिला की मौत होने से खुशियां मातम में बदल गई।
रविवार को हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में बादशाहपुर गांव निवासी ललित की शादी भिक्कमपुर निवासी से होनी वाली थी। बारात भिक्कमपुर पहुंचती इससे पहले ही दूल्हे की बीमार ताई चंद्रो (50) की मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर रिश्तेदार और अन्य लोगों में सन्नाटा पसर गया।
शादी की खुशियों के बीच मातम पसरने से खुशी से चमक रही घरवालों की आंखें नम हो गई। देखते ही देखते सुबह जिस घर से दूल्हे की बारात निकलनी थी, वहां शाम ढलने पर दूल्हे की ताई की अर्थी उठी। असमंजस के हालात के बीच ताई का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद शाम को बारात दुल्हन के गांव के लिए चली।