गरीबों पर मेहरबान हुई मोदी सरकार, मिलने वाला है बड़ा फायदा
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मोदी सरकार अब उत्तराखंड पर मेहरबान हो गई। केंद्र की इस मेहरबानी से गरीबों के वारे न्यारे हो जाएंगे। गरीबों को बिना राशन के होने वाली परेशानियों को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
दरअसल सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर अप्रैल से बंद की गई चीनी को अंत्योदय परिवारों को फिर से देने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे जिले के भी 36 हजार से अधिक अंत्योदय परिवारों को लाभ मिल सकेगा, लेकिन बंद चीनी कब से और कितनी मिलेगी, इस संबंध में अभी तक कोई आदेश लिखित में अफसरों के पास नहीं पहुंचे हैं।
विभिन्न योजना के साढ़े चार लाख परिवारों को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से गेहूं, चावल, चीनी और केरोसीन मिलती है, लेकिन इन परिवारों को मिलने वाली पांच सौ ग्राम प्रति यूनिट के हिसाब से चीनी को अप्रैल से बंद कर दिया गया था।
36500 अंत्योदय परिवारों को हाेगा फायदा
जिससे अप्रैल से सभी योजनाओं के राशन उपभोक्ता खुले बाजार से चीनी लाकर काम चला रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं की जेबें ढीली हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी अंत्योदय परिवारों को हो रही है, क्योंकि वह तो अधिक गरीब होने के कारण खुले बाजार से भी चीनी नहीं खरीद पा रहे हैं।
सरकार ने अंत्योदय परिवारों को चीनी देने का रास्ता साफ कर दिया है। मोदी सरकार की आर्थिकी कमेटी ने अंत्योदय परिवारों को दोबारा से सरकारी दुकानों से सस्ती चीनी देने को मंजूरी दे दी है।
इससे जिले के भी करीब 36500 अंत्योदय परिवारों को जल्द ही फिर से सस्ते दामों पर चीनी मिल सकेगी। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा का कहना है कि उन्हें इसकी अभी तक केवल सूचना मिली है, लेकिन कोई लिखित में आदेश नहीं आए हैं।
जिससे उन्हें अभी यह भी नहीं पता है कि चीनी कितनी और कब से मिलेगी। आदेश आएंगे तो अंत्योदय परिवारों को चीनी मुहैया करानी शुरू कर दी जाएगी।