रोते-रोते भाई को फोन पर बोला 'परिवार का ध्यान रखना' और कूद गया ट्रेन के आगे, वजह रुला देगी
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30 वर्षीय युवक ने ट्रैक पर खड़े होकर अपने भाई को रोते-रोते फोन किया और कहा कि ‘भाई परिवार का ध्यान रखना’। उसके बाद वह सामने से आ रही ट्रेन के आगे कूद गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त पूर्व प्रधान के छोटे भाई के रूप में की है। युवक लाइलाज बीमारी से जूझ रहा था। वह इलाज भी नहीं करा पा रहा था।
कोतवाली क्षेत्र के बिजोपुरा निवासी जगत सिंह का बेटा जसविंदर सिंह पूर्व प्रधान है। उसके छोटे भाई अंजू उर्फ संजय की कई दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी। उसने मेडिकल स्टोर से एक दवा का इंजेक्शन खरीदा और स्वयं लगा लिया।
गलत लगने से इंजेक्शन पक गया, लेकिन अंजू ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उसके बाद जब अंजू को ज्यादा दिक्कत हुई तो जसविंदर ने उसे डॉक्टर को दिखाया। चेकअप करने के बाद डाक्टर ने जसविंदर को बताया कि गलत इंजेक्शन लगने से अंजू को सेफ्टिक हो गया है।
डॉक्टरों ने इसे लाइलाज बताते हुए इलाज करने से मना कर दिया। बताया जाता है कि इसके बाद से अंजू मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वह पैदल ही गांव से तीन किलोमीटर दूर ट्रैक पर पहुंचा और बड़े भाई जसविंदर को फोन कर कहा कि ‘भाई ! अब मैं जा रहा हूं, मेरे जाने के बाद परिवार का सही ढंग से ध्यान रखना’।
इतना कहने के बाद उसने फोन काट दिया और सामने से आ रही ट्रेन के सामने कूद गया। आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने इसकी जानकारी लक्सर कोतवाली पुलिस को दी।
एसएसआई राकेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लिया। शिनाख्त करने पर पुलिस ने पूर्व प्रधान जसविंदर को घटना की जानकारी दी। अंजू की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।