अब पंतनगर एयरपोर्ट पर भी निष्क्रिय हो सकेंगे बम, 70 लाख में बनाया अत्याधुनिक कूलिंग पिट
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने पंतनगर एयरपोर्ट को हाईटेक करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। रन-वे के आखिरी छोर पर 70 लाख रुपये की लागत से बम निष्क्रिय करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से कूलिंग पिट बनाया गया है।
इससे एयरपोर्ट आपात स्थिति में किसी बम को निष्क्रिय करने में सक्षम हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक यह सुविधा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों पर ही उपलब्ध थी।
कूलिंग पिट की खासियत
अत्याधुनिक तकनीक से तैयार कूलिंग पिट की यह खासियत होती है कि उसमें किए गए विस्फोट का प्रभाव उसके बाहर नहीं आता है। एयरपोर्ट निदेशक एसके सिंह बताया कि 1991 में श्रीलंका में लिट्टे उग्रवादियों ने एयरपोर्ट पर हमला कर वहां खड़े दस विमानों को बम से उड़ा दिया था।
तभी से ईजाद इस तकनीक को वर्तमान में प्रत्येक एयरपोर्ट के लिए जरूरी कर दिया गया है। पंतनगर एयरपोर्ट ने सुरक्षा को लेकर डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते के लिए पीएसी से अनुबंध किया है।
ऐसे किया जाएगा बम को निष्क्रिय
एयरपोर्ट निदेशक एसके सिंह ने बताया कि यदि हमें सूचना मिलती है कि विमान में बम है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सुरक्षा पद्धति के अनुरूप पहले विमान को खाली कराया जाता है। इसके लिए विमान को बिल्डिंग से दूर आइसोलेशन-वे में ले जाया जाता है जहां यात्रियों को निकालकर बस से टर्मिनल बिल्डिंग में ले आते हैं।
इसके बाद सामान आदि को निकालकर उसकी सघन चेकिंग के बाद आइसोलेशन यार्ड में एकत्र कर सुरक्षा घेरा बना दिया जाता है। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता आकर सामान सहित पूरे विमान की बारीकी से जांच करता है।
यदि विमान में विस्फोटक मिलता है तो रोबोट उसे उठाकर दस मीटर गहरे कूलिंग पिट (गड्ढे) में ले जाता है। तीन खंडों में बने इस कूलिंग पिट का ढांचा ऊपर से ढका होता है क्योंकि यह पता नहीं होता है कि विस्फोट का प्रभाव कितना पड़ेगा। कूलिंग पिट में बम को ले जाकर उसे डेटोनेटर से विस्फोट कर नष्ट कर दिया जाता है। वहीं, रनवे की रिकार्पेटिंग का कार्य चल रहा है।