फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Bomb will defuse in Pantnagar Airport Cooling pit now

अब पंतनगर एयरपोर्ट पर भी निष्क्रिय हो सकेंगे बम, 70 लाख में बनाया अत्याधुनिक कूलिंग पिट

Thu, 28 Nov 2019 09:40 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंतनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंतनगर Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 28 Nov 2019 09:40 AM IST
विज्ञापन
Bomb will defuse in Pantnagar Airport Cooling pit now
कूलिंग पिट का नक्शा - फोटो : अमर उजाला

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने पंतनगर एयरपोर्ट को हाईटेक करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। रन-वे के आखिरी छोर पर 70 लाख रुपये की लागत से बम निष्क्रिय करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से कूलिंग पिट बनाया गया है।

विज्ञापन


इससे एयरपोर्ट आपात स्थिति में किसी बम को निष्क्रिय करने में सक्षम हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक यह सुविधा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों पर ही उपलब्ध थी।
विज्ञापन

 

कूलिंग पिट की खासियत
अत्याधुनिक तकनीक से तैयार कूलिंग पिट की यह खासियत होती है कि उसमें किए गए विस्फोट का प्रभाव उसके बाहर नहीं आता है। एयरपोर्ट निदेशक एसके सिंह बताया कि 1991 में श्रीलंका में लिट्टे उग्रवादियों ने एयरपोर्ट पर हमला कर वहां खड़े दस विमानों को बम से उड़ा दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन


तभी से ईजाद इस तकनीक को वर्तमान में प्रत्येक एयरपोर्ट के लिए जरूरी कर दिया गया है। पंतनगर एयरपोर्ट ने सुरक्षा को लेकर डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते के लिए पीएसी से अनुबंध किया है। 

ऐसे किया जाएगा बम को निष्क्रिय

एयरपोर्ट निदेशक एसके सिंह ने बताया कि यदि हमें सूचना मिलती है कि विमान में बम है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सुरक्षा पद्धति के अनुरूप पहले विमान को खाली कराया जाता है। इसके लिए विमान को बिल्डिंग से दूर आइसोलेशन-वे में ले जाया जाता है जहां यात्रियों को निकालकर बस से टर्मिनल बिल्डिंग में ले आते हैं।

इसके बाद सामान आदि को निकालकर उसकी सघन चेकिंग के बाद आइसोलेशन यार्ड में एकत्र कर सुरक्षा घेरा बना दिया जाता है। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता आकर सामान सहित पूरे विमान की बारीकी से जांच करता है।

यदि विमान में विस्फोटक मिलता है तो रोबोट उसे उठाकर दस मीटर गहरे कूलिंग पिट (गड्ढे) में ले जाता है। तीन खंडों में बने इस कूलिंग पिट का ढांचा ऊपर से ढका होता है क्योंकि यह पता नहीं होता है कि विस्फोट का प्रभाव कितना पड़ेगा। कूलिंग पिट में बम को ले जाकर उसे डेटोनेटर से विस्फोट कर नष्ट कर दिया जाता है। वहीं, रनवे की रिकार्पेटिंग का कार्य चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed