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फर्जी खाता खोल नौ करोड़ 27 लाख की ब्लैक मनी को किया व्हाइट, बैंक के निदेशक समेत 14 पर केस

Sat, 14 Sep 2019 01:50 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 14 Sep 2019 01:50 PM IST
सार

- साउथ इंडियन बैंक के निदेशक और अधिकारियों समेत 14 पर मुकदमा
- हरिद्वार पुलिस ने जीरो पर एफआईआर दर्ज कर जांच देहरादून भेजी
- नोटबंदी के दौरान बैंक अधिकारियों पर गड़बड़झाले का आरोप 

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black money to white from Fake bank account
फाइल फोटो

विस्तार

मोदी सरकार की नोटबंदी के दौरान कंप्यूटर कारोबारी के नाम पर फर्जी खाता खोल कर नौ करोड़ 27 लाख 23 हजार की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के आरोप में साउथ इंडियन बैंक के निदेशक और अधिकारियों समेत 14 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हरिद्वार पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद विवेचना डालनवाला कोतवाली को स्थानांतरित की है। पीड़ित का दो करोड़ रुपये के गबन को लेकर पहले से ही कोर्ट में बैंक अधिकारियों से मुकदमा चल रहा है। 

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 हरिद्वार के रानीपुर मोड़ निवासी कंप्यूटर करोबारी विजय कुमार कुशवाहा काफी समय से देहरादून में राजपुर रोड स्थित साउथ इंडियन बैंक के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। कुशवाहा ने कई दिन पहले हरिद्वार में बैंक अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी थी। हरिद्वार पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर विवेचना देहरादून के डालनवाला कोतवाली में स्थानांतरित कर दी थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात को मुकदमे को अपराध संख्या पर लेकर विवेचना शुरू कर दी। पीड़ित कुशवाहा ने पुलिस को बताया कि साउथ इंडियन बैंक में उसके दो खाते संचालित थे। 2012 में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से साउथ इंडियन बैंक में दो करोड़ स्थानांतरित किए थे, लेकिन बैंक  ने रकम आने से साफ इंकार कर दिया था। इस मामले में हरिद्वार की कोर्ट में बैंक अधिकारियों के मुकदमा विचाराधीन है। 
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कूट रचित दस्तावेजों से फर्जी खाता खोला

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि साउथ इंडियन बैंक के अधिकारियों ने कूट रचित दस्तावेजों से उसके नाम पर एक फर्जी खाता खोला। 2015 में इस खाते में 15 करोड़ डालकर अगले दिन उनके फर्जी हस्ताक्षर से उस रकम को निकाल लिया गया। कुशवाहा का आरोप है कि साउथ इंडियन बैंक के अधिकारियों ने सांठगांठ कर इसी खाते में 2016 में नोटबंदी के दौरान करीब नौ करोड़ डिपोजिट किए गए।

2018 में उसके जाली हस्ताक्षर कर इस रकम को निकाल लिया गया। उन्हें फर्जी खाते की भनक बाद में लग सकी। मुकदमे में शाखा प्रबंधक आईजी एलेक्जेंडर, अमित परमार, मनोज कुमार, तत्कालीन कार्यपालक निदेशक वीए जोजफ, कार्यपालक निदेशक विजे मैथ्यु, स्वामियों चैरयन वरकै, रंजना सलोचर, परायेल जार्ज जन थाराकन, अमिताभ गुड्डा, मोहन ई अलपट्ट, के थमस जैकब, जॉन जोसफ  अलपट्ट, फ्रांसिस अलपट्ट और सलीम गंगाधरन को आरोपी बनाया गया है।

आरबीआई ने बैंक पर लगाया जुर्माना  

पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया है कि आरबीआई ने गाइड लाइन का अनुपालन नहीं करने और खातों में गड़बड़ी को लेकर बैंक के अधिकारियों पर 2018 और 2019 में जुर्माना लगाया था। कुशवाहा ने पुलिस को जुर्माना पत्र की छाया प्रति भी उपलब्ध कराई है। बताया कि साउथ इंडियन बैंक एक प्राइवेट बैंक है तथा ग्राहकों को अधिक ब्याज पर लोन देता है। आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी फर्जी खाते खोलकर अवैध लेनदेन करते हैं।

साउथ इंडियन बैंक के निदेशक और अधिकारियों पर गंभीर आरोपों में हरिद्वार में दर्ज हुई जीरो एफआईआर को डालनवाला कोतवाली पुलिस ने अपराध संख्या पर ले लिया है। विवेचना के दौरान ही यह साफ हो पाएगा कि बैंक के अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। विवेचना में आने वाले साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। 
-श्वेता चौबे, पुलिस अधीक्षक नगर

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