फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Black Fungus in Uttarakhand: Black fungus attacking home isolated corona Patients

उत्तराखंड: अब होम आइसोलेट संक्रमितों पर भी हमला बोल रहा ब्लैक फंगस, भारी पड़ सकती है लापरवाही

Tue, 25 May 2021 02:30 AM IST
अलका त्यागी जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश
जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 25 May 2021 02:30 AM IST
सार

उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अभी तक अस्पताल में ही मरीज सामने आ रहे थे, लेकिन अब यह संक्रमण घर में इलाज कर रहे मरीजों पर भी वार कर रहा है।

विज्ञापन
Black Fungus in Uttarakhand: Black fungus attacking home isolated corona Patients
ब्लैक फंगस - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अब तक केवल अस्पतालों में भर्ती मरीजों में ही ब्लैक फंगस का संक्रमण पाया जा रहा था, लेकिन अब होम आइसोलेट संक्रमित भी ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं। देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल के अस्पतालों में ऐसे कई मरीज भर्ती हैं। ऐसे में डायबिटीज, कैंसर, एचआईवी और प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करने वाले अन्य बीमारियों से ग्रस्त कोविड संक्रमितों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।

विज्ञापन


उत्तराखंड: प्रदेश में ब्लैक फंगस के 17 और मरीज मिले, 118 पहुंची संक्रमितों की संख्या
विज्ञापन


प्रदेश के तीन जिलों के 10 अस्पतालों में अब तक ब्लैक फंगस के 118 केस मिल चुके हैं। इनमें 9 संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। सबसे अधिक 83 संक्रमित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में मिले हैं। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में 17 कोविड संक्रमितों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों बड़े अस्पतालों में अधिकांश संक्रमित दूूसरे स्थानीय अस्पतालों से रेफर होकर आए थे। इनमें से नौ संक्रमित ऐसे थे तो जो होम आइसोलेट थे। यहां जांच के बाद मरीजों में ब्लैक फंगस का संक्रमण पाया गया। संक्रमितों में अधिकांश मरीज वे हैं, जिनका ब्लड शुगर बढ़ा हुआ था। एम्स के ईएनटी विभाग के डॉ. अमित त्यागी ने बताया कि हाई ब्लड शुगर लेवल, कैंसर पीड़ित या अंग प्रत्यारोधक क्षमता वाले मरीजों को खास एहतियात बरतनी चाहिए। इसके साथ ही पोस्ट कोविड मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। 

होम आइसोलेट संक्रमित इन बातों को रखें ध्यान

होम आइसोलेशन के दौरान कोविड संक्रमितों के लिए हाइजीन बहुत जरूरी है। भाप लेने वाला पानी इस्तेमाल से पहले हर बार बदलना चाहिए। अगर ऑक्सीजन थैरेपी ले रहे हैं तो मास्क, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और प्लास्टिक ट्यूबिग की समय-समय पर सफाई करते रहें। मास्क की बजाय कैनुला का इस्तेमाल करें। ह्यूमिडिफायर की बोतल के पानी को हर 24 घंटे में बदलें। हमेशा सलाइन और डिस्टिल वाटर का प्रयोग करें।

ब्लैक फंगस के लक्षण
तेज बुखार, नाक बंद होना, सिर दर्द, आंखों में दर्द, दृष्टि क्षमता क्षीण होना, आंखों के पास लालिमा होना, नाक से खून आना, नाक के भीतर कालापन आना, दांतों का ढीला होना, जबड़े में दिक्कत होना, छाती में दर्द होना आदि ब्लैक फंगस प्रमुख लक्षण हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed