उत्तराखंड: ब्लैक फंगस के इलाज के लिए मिले 400 इंजेक्शन, 300 गढ़वाल और 100 कुमाऊं मंडल भेजे
ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसन इंजेक्शन को लेकर उत्तराखंड को थोड़ी राहत मिली है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार से रविवार को उत्तराखंड को 400 इंजेक्शन मिले हैं, इनमें से 300 इंजेक्शन गढ़वाल और 100 इंजेक्शन कुमाऊं मंडल को दिए गए हैं। प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।
उत्तराखंड: प्रदेश में ब्लैक फंगस से अब तक नौ मरीजों की मौत, संक्रमितों का आंकड़ा 100 के पार
एम्फोटेरिसन इंजेक्शन की कमी के कारण मरीजों के इलाज में दिक्कतें आ रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को चार सौ इंजेक्शनों की मांग भेजी थी। जो रविवार को राज्य को मिल गई है। जबकि 100 इंजेक्शन पहले मिल चुके हैं।
उत्तराखंड : लगतार बढ़ रहे हैं ब्लैक फंगस के केस, अब व्हाइट फंगस और एस्परजिलोसिस का भी खतरा
प्रदेश में अब तक 55 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जबकि सात मरीजों की मौत हो चुकी है। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि केंद्र से मिले 400 इंजेक्शनों से एक सप्ताह तक काम चल जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इस इंजेक्शन का जल्द उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
तीमारदारों को नहीं मिलेंगे इंजेक्शन
गढ़वाल मंडल के नोडल अधिकारी डॉ.कैलाश गुंज्याल ने बताया कि गढ़वाल मंडल के तहत ब्लैक फंगस के सभी मरीजों को दो से तीन इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। मरीजों के तीमारदारों को इंजेक्शन नहीं दिए जाएंगे। जो अस्पताल मरीज का इलाज कर रहे हैं, उन्हें इंजेक्शन दिए जाएंगे। इस संबंध में अस्पतालों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को इंजेक्शन के लिए कर्मचारी भेजना होगा।
मुख्यमंत्री से की ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराने की मांग
कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन भेजते हुए ब्लैंक फंगस की दवा उपलब्ध कराने की मांग की है।धस्माना ने कहा कि प्रदेश में सरकार ने ब्लैक और व्हाइट फंगस को महामारी घोषित किया है। इसके लिए बाकायदा नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। हालात यह हैं कि तीमारदार इनकी दवाइयों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सरकार एसओपी जारी करने के बाद भी पिछले तीन दिनों से इंजेक्शन उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को सरकार अभी खत्म न माने। पर्वतीय जनपदों में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक टेस्टिंग करवाए।
ब्लैक फंगस के उपचार के लिए इंजेक्शन उपलब्ध कराएं : इंदिरा
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ब्लैक फंगस को राज्य में महामारी घोषित तो कर दिया है, लेकिन राज्य में इस बीमारी के इलाज के लिए पर्याप्त इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिससे ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज का संकट खड़ा हो रहा है। उन्होंने कहा कि 22 मई को इंजेक्शन की आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से दूरभाष पर बात की। सीएम से शीघ्र राज्य में ब्लैक फंगस इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। इंदिरा हृदयेश ने कहा कि मेरे पास लगातार एम्स ऋषिकेश से दो मरीजों के फोन आ रहे हैं, जो कि ब्लैक फंगस पीड़ित हैं। लेकिन देहरादून में इंजेक्शन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया है।