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तीन सदस्यीय समिति करेगी चैंपियन-कर्णवाल विवाद की जांच, लटकी निलंबन और निष्कासन की तलवार

Fri, 26 Apr 2019 06:59 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 26 Apr 2019 06:59 PM IST
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Bjp mla champion and karnwal may Suspension and removal from party
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन/ विधायक देशराज कर्णवाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और देशराज कर्णवाल के विवाद से असहज पार्टी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन शुक्रवार को कर दिया। प्रदेश महामंत्री व विधायक खजान दास को समिति का संयोजक बनाया गया है।

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प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के मुताबिक, दोनों विधायकों में सुलह के बाद पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस वापस ले लिया था, लेकिन उनके बीच फिर से उपजे विवाद के कारण पार्टी को समिति का गठन करना पड़ा। उनकी मानें तो समिति की सिफारिश पर पार्टी कड़े से कड़ा कदम उठाएगी।
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शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित संगठन की बैठक में समिति गठन का फैसला लिया गया। प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन के मुताबिक, समिति में दर्जाधारी राज्यमंत्री विश्वास डाबर और पूर्व विधायक कुलदीप कुमार सदस्य बनाए गए हैं।
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उनके मुताबिक, पार्टी ने भाजपा विधायकों के बीच के विवाद और मीडिया में बयानबाजी को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मामले की जांच यथाशीघ्र करके अपनी रिपोर्ट दें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। 

निलंबन और निष्कासन भी हो सकता है : भट्ट 

भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल और कुंवर प्रणव चैंपियन के बीच के विवाद से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी खासे व्यथित हैं। उनका कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट पर पार्टी सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। अमर उजाला ने उनसे इस संबंध में संक्षिप्त बातचीत की।

सवाल : पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस दिया, लेकिन जवाब नहीं लिया, ये लचीला रुख क्यों?
अजय भट्ट : कानून में भी समझौते और कंपाउंडिंग की व्यवस्था होती है। जब दोनों विधायकों ने समझौता कर लिया। आपस एक-दूसरे को बड़ा और छोटा भाई मान लिया, तो इसके बाद क्या उपाय रहता। इसलिए हमने जो नोटिस दिया था, हमने उसका जवाब लेना उचित नहीं समझा।
सवाल : विवाद तो अब बयानबाजी से आगे कोर्ट कचहरी तक पहुंच गया?
अजय भट्ट : इसीलिए तो हमने जांच समिति गठित की है। जब समझौता हो गया तो एक दूसरे खिलाफ जांचें और कोर्ट कचहरी के हालात क्यों बनें? अनुशासनहीनता को रोकना हमारी पहली प्राथमिकता है।

भाजपा अपने अनुशासन के लिए ही विश्व की नंबर वन पार्टी है

सवाल : समिति के सामने दोनों विधायक फिर समझौता कर लेंगे तब पार्टी क्या करेगी?
अजय भट्ट : भाजपा अपने अनुशासन के लिए ही विश्व की नंबर वन पार्टी है। कोई अनुशासन तोड़ेगा तो उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई होगी। पार्टी में इसके कई उदाहरण हैं।
सवाल : पार्टी का वह सख्त एक्शन क्या हो सकता है?
अजय भट्ट : समिति की सिफारिश पर पार्टी दोनों विधायकों के निलंबन और निष्कासन की कार्रवाई भी कर सकती हैं।
सवाल : समिति की जांच के लिए कोई समयसीमा तय की गई है?
अजय भट्ट : समिति को जांच के लिए 15 दिन का समय तो मिलेगा ही।

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