केंद्रीय मंत्री उमा भारती बोलीं, मौका मिले तो उत्तराखंड में राजनीतिक पद पर रहकर करूं गंगा संरक्षण
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती अपने छह दिवसीय गंगोत्री उत्तरकाशी प्रवास के बाद गुप्तकाशी के लिए प्रस्थान कर गई हैं। लौटते समय उन्होंने उत्तरकाशी में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कर मत्था टेका।
देश के विभिन्न हिस्सों में लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच उनके इस प्रवास पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह गंगा की बेटी हैं और अगर उन्हें अवसर मिले तो वह उत्तराखंड राज्य से ही राजनीतिक पद लेकर गंगा संरक्षण के लिए कार्य करेंगी।
जिले की बदहाल सफाई व्यवस्था पर उन्होंने इसके लिए जनता में जागरूकता की कमी को इस समस्या का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि जब तक जनता स्वयं सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं उठाएगी, तब तक सरकारी तंत्र कोई बदलाव नहीं ला सकता है।
बता दें कि भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री उमा भारती बीते सात मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने वाले दिन यहां पहुंची थीं। गंगोत्री में ईशावस्यम आश्रम में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन वे धराली लौट आईं।
यहां तीन दिन तक एक होटल में ठहरकर उन्होंने मुखबा मार्कण्डेय पुरी एवं हर्षिल के मंदिरों में पहुंचकर साधना की। रविवार को उत्तरकाशी पहुंची उमा भारती ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर मत्था टेका और पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मीडिया से रूबरू हुई उमा भारती ने इसे अपनी निजी धार्मिक यात्रा बताया।