उत्तराखंड: विधायक चैंपियन की भाजपा में फिर हो सकती है वापसी, छह साल के लिए हुआ था निष्कासन
- निष्कासन के बाद चैंपियन की चुप्पी से पार्टी संतुष्ट
- देश राज कर्णवाल के साथ हो सकता है प्रणव का पैचअप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथों में बंदूक लेकर डांस करने और बदजुबानी के चलते पार्टी से निष्कासित उत्तराखंड में खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की भाजपा में वापसी हो सकती है। पार्टी से बाहर होने के बाद से चैंपियन की जुबान पर मानों ताला लग गया है।
उनकी इस चुप्पी से पार्टी नेतृत्व संतुष्ट दिखाई दे रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट कहते हैं,‘चैंपियन को जब से पार्टी से निष्कासित किया है, उन्होंने एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने पूरी तरह से संयम रखा।’
हालांकि चैंपियन को अभयदान देने के संबंध में भट्ट कुछ भी साफ- साफ नहीं कहते हैं। उधर, चैंपियन पार्टी में वापसी के लिए मचल रहे हैं। पिछले दो दिन से वे मुख्यमंत्री आवास के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन पार्टी की सबसे बड़ी आशंका पार्टी विधायक देशराज कर्णवाल और उनके बीच का विवाद है जो अकसर सतह पर आ जाता है।
चैंपियन और देशराज के रिश्तों में खटास बन सकती है बाधा
सियासी हलकों में ये चर्चा गरम है कि नए साल की शुरुआत चैंपियन और देशराज के रिश्तों में खटास को मिठास में बदलने से हो सकती है। ऐसी चर्चा है कि दोनों नेताओं के बीच पैच अप कराने में मुख्यमंत्री खेमा खासा जोर लगा रहा है।
कर्णवाल को चैंपियन से रिश्ते सुधारने को कहा गया है ताकि उनकी पार्टी वापसी कराने में आसानी हो। सूत्रों का मानना है कि चैंपियन की घरवापसी में कर्णवाल सबसे बड़ी बाधा है। वे अड़ गए तो चैंपियन की वापसी में परेशानी खड़ी हो सकती है।
इसलिए सबसे पहला काम दोनों विधायकों में पैचअप कराने का होगा और दूसरे चरण में चैंपियन भाजपा में वापसी कर सकते हैं। इस संबंध में जब कर्णवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन से उन्हें जो निर्देश होंगे, वे उनका पालन करेंगे। उधर, चैंपियन से संपर्क करने पर यह बताया गया कि वे व्यस्त हैं और फ्री होने पर बात करेंगे।