निकाय चुनाव: पौड़ी में भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे का गणित बिगाड़ने को उतारे 19 निर्दलीय प्रत्याशी
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निकाय चुनाव में मेयर और अध्यक्ष पद को लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों की भरमार है। जनपद की पांच निकायों में इसके लिए 19 निर्दलीय मैदान में हैं। इनमें से कुछ निर्दलियों को भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने एक-दूसरे का गणित बिगाड़ने को चुनाव मैदान में उतारा हुआ है।
निकाय चुनाव में नगर पालिका परिषद पौड़ी अध्यक्ष की सीट पर टिकट को लेकर इस बार जो कुछ हुआ, उससे दोनों दलों में भितरघात की संभावना बनी है। कुछ कार्यकर्ता अपने प्रत्याशियों के प्रति खुलकर नाराजगी जता चुके हैं।
वहीं कुछ में नाराजगी तो है, लेकिन वे खुलकर सामने नहीं आ पाए हैं। रही सही कसर निर्दलीय पूरी करने जा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस पार्टी सूत्रों के मुताबिक दोनों ही दलों ने एक दूसरे को मात देने के लिए निर्दलियों को चुनाव मैदान में उतारा हुआ है।
इसमें सबसे अधिक आठ निर्दलीय पौड़ी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक रहे हैं, जबकि कोटद्वार में मेयर पद के लिए पांच और नगर पंचायत सतपुली में चार निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा स्वर्गाश्रम जौंक और दुगड्डा में एक-एक प्रत्याशी निर्दलीय है।
चुनावी महासंग्राम में अपनों से ही सियासी जंग
रुड़की में भी चुनावी महासंग्राम में भगवानपुर और झबरेड़ा में अपनों से ही अपनों की सियासी जंग होगी। झबरेड़ा में जहां भाई-भाई के बीच में शह और मात की लड़ाई हो रही है। वहीं भगवानपुर में देवर-भाभी के बीच में वर्चस्व की जंग होती नजर आ रही है, लेकिन निकाय चुनाव के परिणाम बताएंगे कि कौन किस पर कितना भारी पड़ता है।
यदि झबरेड़ा नगर पंचायत की बात करें तो यहां पर चौधरी परिवार के ही दो भाई आमने-सामने हैं। एक ओर जहां कांग्रेस ने पूर्व विधायक यशवीर सिंह के पुत्र व निर्वतमान नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी को टिकट देकर मैदान में उतारा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा से यशवीर सिंह के भाई कुलबीर चौधरी के बेटे मानवेंद्र सिंह मैदान में है। रिकार्ड रहा है कि आजादी से आज तक इस सीट पर इस परिवार के सिवाय कोई अन्य दावेदार विजय प्राप्त नहीं कर सका है, लेकिन इस बार यहां पर आपसी मतभेद के चलते दो भाई आमने-सामने हैं।
देखने वाली बात होगी कि यहां पर जीत किसके हिस्से में आती है। यहां पर गौरव चौधरी और मानवेंद्र सिंह के अलावा बसपा से दीपक सैनी व दो अन्य भी दावेदार मैदान में है। इसके दूसरी ओर यदि भगवानपुर नगर पंचायत सीट पर बात करें तो यहां पर भाजपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश व सुबोध राकेश की माता सहती देवी को प्रत्याशी बनाया है। जबकि सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश कांग्रेस के टिकट पर भगवानपुर से विधायक है। एक ओर जहां विधायक के सामने पार्टी प्रत्याशी है, वहीं दूसरी ओर सास है।