पक्षियों के बारे में क्या यह सब जानते हैं आप?
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पक्षियों की सुरीली आवाज सुनकर सुबह की शुरुआत करना आपको बेहद भाता होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि पक्षी सैकड़ों गीत याद रखते हैं।
पक्षी जीवन के शुरुआती दिनों में सुरीले गीत सीखते हैं, जिसके माध्यम से वह संवाद कायम करते हैं। गुरुवार को हरिद्वार में राष्ट्रीय पक्षी विज्ञान कार्यशाला के पांचवें दिन वैज्ञानिकों ने यह विचार रखे।
मंगलौर विश्वविद्यालय से आईं प्रोफेसर मोनिका सदानंदा ने बताया कि पक्षी अपने जन्म के शुरुआती दो से चार महीनों में सुरीले गीत सीखता है। अगर किसी कारण पक्षी गीत सीखने से चूक जाते हैं तो फिर वह अपने परिवार और अन्य सदस्यों से सामान्य संवाद स्थापित नहीं कर पाता है।
पक्षी जन्म के समय तुतलाता है। माता-पिता से गीत नहीं सीख पाने पर सुरीले पक्षी जीवनभर सिर्फ तुतलाने की स्थिति में रह जाता है।
पक्षी याद रखते हैं सैकड़ों गीत
जर्मनी से आए हैंन्स बिसफ ने बताया कि जैबरा फिंच पक्षी अपने दिमाग में आंखों के माध्यम से दिखाई देने वाले चित्रों की छाप बना लेता है, जिसके आधार पर वह वस्तुओं की पहचान करता है।
कार्यशाला में जीव विज्ञान संकाय डीन दिनेश भट्ट ने बताया कि पक्षियों के दो वर्ग हैं। पहला वर्ग जीवनभर अपने गीतों में नए गीत जोड़ता रहता है। जबकि दूसरा वर्ग माता-पिता से सीखे गीत ही गाता है।
प्रोफेसर विनय सेठी ने बताया कि विदेशी पक्षी ब्राउन थ्रेशर दिमाग में 800 गीतों को संग्रह करने में सक्षम हैं। देश के उद्यानों में रहने वाले दयाल पक्षी (मैगपाई) भी 900 से अधिक गानों का संग्रह दिमाग में रखता है। इन पक्षी की विशेषता है कि यह गीतों को बदल-बदल कर गाता है और एक ही गीत में अलग-अलग गीतों की शृंखला को भी जोड़ देता है।