फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Bird flu Latest News: Uttarakhand Health Department Alert and Released Advisory to all Districts

Bird Flu: उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी जिलों को जारी की एडवाइजरी

Sun, 10 Jan 2021 09:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 10 Jan 2021 09:22 PM IST
सार

  • किसी भी स्थिति से निपटने को जिला स्तर पर रेपिड रिस्पांस टीम तैयार रखने के निर्देश

विज्ञापन
Bird flu Latest News: Uttarakhand Health Department Alert and Released Advisory to all Districts
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

उत्तराखंड में बर्ड फ्लू (एवियन इनफ्लूएंजा) की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बर्ड फ्लू संक्रमण रोकने के लिए सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर रेपिड रिस्पांस टीम को तैयार रखें। 

विज्ञापन


एडवाइजरी में जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर पर्याप्त मात्रा में एंटी वायरल औषधि (ओसेल्टेमाविर) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिला स्तर पर विभागीय रेपिड रिस्पांस टीम में पशुधन प्रसार अधिकारी को शामिल किया जाए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग, पंचायतीराज विभाग, खाद्य संरक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाया जाए। प्रदेश में पक्षियों की मौत पर निगरानी रखी जाए। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Bird Flu: कलियर में 30 से अधिक मुर्गों की मौत, ऋषिकेश एम्स परिसर में 27 कौए मिले मृत
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा कि कई राज्यों में बर्ड फ्लू का संक्रमण तेजी से फैला रहा है। एहतियाती तौर पर सभी जिलों को संक्रमण की रोकथाम के लिए समय पर तैयारियां पूरी करने और निगरानी के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।  

राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज सिंह का कहना है कि बर्ड फ्लू एक एफ5एन1 वायरस है। जो पक्षियों में फैलता है। वाइल्ड लाइफ पक्षियों से पोल्ट्री फार्म में संक्रमण का खतरा है। उन्होंने कहा कि भारत में अभी बर्ड फ्लू का संक्रमण इंसान में नहीं मिला है। 

जोशियाड़ा में मृत मिला पक्षी, सैंपल जांच को भेजा

बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जिले में संबंधित विभाग अलर्ट हो गए हैं। रविवार को जोशियाड़ा क्षेत्र में एक पक्षी मृत मिला, जिसका सैंपल जांच के लिए भोपाल भेज दिया गया है। एहतियात के तौर पर अभी तक जिले से 375 मुर्गों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. प्रलयंकर नाथ ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर पूरी एहतियात बरती जा रही है। सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बाहरी क्षेत्रों से जिले में बिक्री के लिए आ रहे मुर्गों की जांच की जा रही है। रविवार को जोशियाड़ा क्षेत्र में एक पक्षी मृत पाए जाने पर लोग सतर्क हो गए।

स्थानीय निवासी अनुराग रावत ने इस संबंध में पशुपालन एवं वन विभाग को तत्काल सूचना दी। डीएफओ दीपचंद आर्य ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए तत्काल वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने मृत पक्षी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। 

बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी कर वन कर्मियों की सुरक्षा करना भूला विभाग 

वन विभाग ने भी जंगल में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है, लेकिन, कर्मचारियों की सुरक्षा के उपाय नहीं किए हैं। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि जंगल में गश्त कर रहे वन कर्मियों को संक्रमित पक्षियों के मरने पर उन्हें उठाने के लिए किसी प्रकार की सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिसके कारण लैंसडौन वन प्रभग के वन कर्मी बर्ड फ्लू के खतरे से सहमे हुए हैं। 
 
43327.60 हेक्टेयर में फैले लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार, लैंसडौन, कोटड़ीडांग, दुगड्डा और लालढांग रेंज में स्वदेशी और विदेशी कई प्रजाति के सैकड़ों पक्षी आते हैं। पक्षी प्रेमी बर्ड वाचिंग के लिए लैंसडौन वन प्रभाग को बेहतर स्थान मानते हैं। ऐसे में बर्ड फ्लू को लेकर वन प्रभाग को अति संवेदनशील माना जा रहा है। 

विशेषज्ञों की मानें तो बर्ड फ्लू होने पर उस क्षेत्र में जाने पर संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में बर्ड फ्लू वाले स्थान पर जाने के लिए पीपीई किट और  पक्षियों को उठाने के लिए विशेष प्लास्टिक बैग की आवश्यकता होती है। लेकिन, जंगल की गश्त कर रहे फील्ड कर्मचारियों को अभी तक न तो इसका प्रशिक्षण दिया गया है और ना ही उन्हें किसी प्रकार की किट उपलब्ध कराई गई है। वन कर्मी जान जोखिम में डालकर गश्त करने को मजबूर हैं। 

बर्ड फ्लू को लेकर लैंसडौन वन प्रभाग में अलर्ट जारी किया गया है। कर्मचारियों के संक्रमण से सुरक्षा के लिए पीपीई किट और अन्य सुरक्षा सामान विभाग से मांगा गया है। पक्षियों के मरने पर वन कर्मियों को उनके पास नहीं जाने और इसकी जानकारी अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। 
- दिनेश घिल्डियाल, एसडीओ लैंसडौन वन प्रभाग 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed