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पछवादून के बाइकर ने उमलिंग ला टॉप पर फहराया तिरंगा
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उमलिंग ला टॉप पर पछवादून के इकलौते बाइकर ने तिरंगा फहराया है। बाइकर और दवा व्यवसायी विवेक भंडारी (42) ने वांडर्र्स ग्रुप के साथ 12 अगस्त को देहरादून से यात्रा शुरू की थी।
तीन हजार किमी की दूरी तय कर 19 अगस्त को उमलिंग ला टॉप पहुंचे। यात्रा पूरी कर लौटे गुरुदारा गली निवासी युवा दवा व्यवसायी ने बताया कि उनके साथ ग्रुप के सात सदस्य और भी थे। देहरादून, मनाली, जिस्पा, जंसकार वैली, कारगिल, लेह, पैंगगोंग झील होते वह मंजिल तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि दर्रा 19300 फीट ऊंचा है। इसकी ऊंचाई माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से ज्यादा है। कहा कि उमलिंगला टॉप पर भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं। ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होने के कारण आम आदमी यहां 10-15 मिनट भी नहीं रुक सकता। यहां पहुंचते ही उल्टी, सिर दर्द की शिकायत होने लगती है। विवेक भंडारी ने बताया कि उन्हें देश भ्रमण का शौक है। उनका ग्रुप बाइक रैलियों के माध्यम से उत्तराखंड के कल्चर को भी प्रमोट करता है। विवेक भंडारी ने बीते साल पांच जून को भी उमलिंग ला टॉप फतेह करनी की कोशिश की थी। तब मौसम खराब होने के कारण उन्हें बीच में ही सफर रोकना पड़ा था।
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विश्व में सबसे ऊंची है सड़क
उमलिंग ला में बीआरओ ने 2021 में विश्व की सबसे ऊंची वाहन योग्य सड़क का निर्माण किया था। इसकी लंबाई 52 किमी है। यह सड़क उत्तरी लद्दाख के चुमार सेक्टर के महत्वपूर्ण गांवों को आपस में जोड़ती है। इसका लोकार्पण देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 दिसंबर 2021 को किया। सड़क का निर्माण सीमा सड़क संगठन ने कराया है। बीआरओ भारतीय सशस्त्र सेना बल के लिए सड़के बनाने का काम करती है, जिसे दुर्गम इलाकों में सड़कें बनाने में महारथ हासिल है।
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27 दिन में पहुंचे थे खारदुंगला से कन्याकुमारी
विकासनगर। बीते साल विवेक भंडारी ने लद्दाख के खारदुंगला से कन्याकुमारी तक यात्रा की। 11500 किमी की इस दूरी को तय करने में उन्हें 27 दिन लगे थे।
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तीन हजार किमी की दूरी तय कर 19 अगस्त को उमलिंग ला टॉप पहुंचे। यात्रा पूरी कर लौटे गुरुदारा गली निवासी युवा दवा व्यवसायी ने बताया कि उनके साथ ग्रुप के सात सदस्य और भी थे। देहरादून, मनाली, जिस्पा, जंसकार वैली, कारगिल, लेह, पैंगगोंग झील होते वह मंजिल तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि दर्रा 19300 फीट ऊंचा है। इसकी ऊंचाई माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से ज्यादा है। कहा कि उमलिंगला टॉप पर भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं। ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होने के कारण आम आदमी यहां 10-15 मिनट भी नहीं रुक सकता। यहां पहुंचते ही उल्टी, सिर दर्द की शिकायत होने लगती है। विवेक भंडारी ने बताया कि उन्हें देश भ्रमण का शौक है। उनका ग्रुप बाइक रैलियों के माध्यम से उत्तराखंड के कल्चर को भी प्रमोट करता है। विवेक भंडारी ने बीते साल पांच जून को भी उमलिंग ला टॉप फतेह करनी की कोशिश की थी। तब मौसम खराब होने के कारण उन्हें बीच में ही सफर रोकना पड़ा था।
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विश्व में सबसे ऊंची है सड़क
उमलिंग ला में बीआरओ ने 2021 में विश्व की सबसे ऊंची वाहन योग्य सड़क का निर्माण किया था। इसकी लंबाई 52 किमी है। यह सड़क उत्तरी लद्दाख के चुमार सेक्टर के महत्वपूर्ण गांवों को आपस में जोड़ती है। इसका लोकार्पण देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 दिसंबर 2021 को किया। सड़क का निर्माण सीमा सड़क संगठन ने कराया है। बीआरओ भारतीय सशस्त्र सेना बल के लिए सड़के बनाने का काम करती है, जिसे दुर्गम इलाकों में सड़कें बनाने में महारथ हासिल है।
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27 दिन में पहुंचे थे खारदुंगला से कन्याकुमारी
विकासनगर। बीते साल विवेक भंडारी ने लद्दाख के खारदुंगला से कन्याकुमारी तक यात्रा की। 11500 किमी की इस दूरी को तय करने में उन्हें 27 दिन लगे थे।