पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए फोन करने से पहले हो जाएं अलर्ट, लुट सकती है सारी जमा-पूंजी
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अगर आप भी विज्ञापन देखकर पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए दिए गए नंबरों पर कॉल करने वाले हैं तो सावधान हो जाएं। इससे पहले की आप फोन करने के बाद बताए गए खाता नंबर पर पैसे जाम करें उससे पहले पतंजलि के मुख्य कार्यालय जाकर सारी जानकारी जरूर ले लें, वरना आप सारी जमा पूंजी लुटा सकते हैं।
पतंजलि आयुर्वेद की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर एक युवक से दो लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया है। आर्यनगर के रहने वाले सुमित राज ने कोर्ट को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने पतंजलि आयुर्वेद की हरिद्वार क्षेत्र की डिस्ट्रीब्यूटरशिप का विज्ञापन देखा था।
विज्ञापन को देखने के बाद उसने ऑनलाइन संपर्क साधा तो अनिल शर्मा नाम के एक व्यक्ति से मोबाइल फोन पर संपर्क हुआ। उसने खुद को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का मार्केटिंग हेड बताया। उक्त व्यक्ति ने संजीव घोष नाम के व्यक्ति से उसकी मोबाइल फोन पर बात कराई और पच्चीस हजार की रकम बैंक खाते में जमा कराने की बात कही। सुमित राज ने विश्वास करते हुए 23 हजार की रकम जमा करा दी।
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
फिर संजीव घोष नाम के व्यक्ति ने सौरभ बुद्धकर नाम के युवक को अपना हेड बताते हुए उसकी बात कराई और खाते में पौने दो लाख की रकम जमा कराने की बात कही। आरोप है कि उसने जब पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में दर्शाए जा रहे खाते में पौने दो लाख जमा करा दिए लेकिन उसके बाद सभी व्यक्तियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए।
आरोप है कि जब वह पतंजलि आयुर्वेद के मुख्य कार्यालय में पहुंचे तब पता चला कि इस तरह की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया गया था। युवक का आरोप है कि पता करने पर मालूम हुआ कि उक्त बैंक खाता करमजीत सिंह पुत्र स्ट्रीट नंबर आठ बंदा बहादुर नगर गुरुद्वारा लुधियाना पंजाब के नाम से है लेकिन वह दर्शा पतंजलि का खाता रहा था।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।