देहरादून में फिर एटीएम क्लोनिंग से सकते में आई पुलिस, एक साथ 10 लोगों के खातों से निकाले लाखों रुपये
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साइबर क्रिमिनल्स ने रिंग रोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम कार्डों में क्लोनिंग कर दस खातों से करीब तीन लाख 85 हजार रुपये उड़ा लिए। यह रकम हरिद्वार के दो एटीएम से निकाली गई है।
अगले कुछ दिनाें में और पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद है। सीसीटीवी कैमरे में दो युवक एटीएम में स्किमर मशीन लगाने और उतारते हुए साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस की एक टीम हरिद्वार में एटीएम की फुटेज खंगालने में जुटी है।
एटीएम कार्ड का डाटा चुराकर खातों में सेंध लगाने के सनसनीखेज खुलासे से बैंक तंत्र और पुलिस में हड़कंप मचा है। साइबर क्रिमिनल्स ने इस बार नेहरू कालोनी क्षेत्र में रिंग रोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम को अपना निशाना बनाया है।
शुक्रवार को खातों से रकम निकलने की शिकायत लेकर कई पीडित नेहरू कालोनी थाने पहुंचे तो इसका खुलासा हुआ। पुलिस सक्रिय हुई तो शनिवार को इंडियन ओवरसीज बैंक नत्थनपुर के प्रबंधक नरेंद्र राणा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 420 और 66 आईटी एक्ट के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
मुकदमे में बताया गया कि दो युवकों ने एटीएम कार्ड क्लोनिंग के जरिए डाटा चुराकर वारदात अंजाम दी है। सीसीटीवी फुटेज से जाहिर है कि इन युवकों ने आठ दिसंबर की रात से नौ दिसंबर की सुबह तक स्किमर लगाकर एटीएम का डाटा चुराया है।
पुलिस अथवा बैंक के सामने अब तक दस पीड़ित ही सामने आए हैं। संभावना है कि अगले कुछ दिनाें में और पीड़ित सामने आ सकते हैं। नेहरू कालोनी इंस्पेक्टर राजेश शाह ने बताया कि अब तक दस लोगों के खातों से तीन लाख 85 हजार निकालने की बात सामने आई है। यह भी पता चला है कि इन खातों से हरिद्वार में पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक के एटीएम से यह रकम निकाली गई है।
नेहरू कालोनी में एटीएम से डाटा चुराकर रकम निकालने का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधक की तरफ से मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ को कई टीम बनाई गई है। सीसीटीवी फुटेज में आए दोनों युवकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे है। इन युवकों के फोटोग्राफ अन्य राज्यों में भेजे जा रहे हैं।
निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
इनके खातों से निकली रकम
. काजल अरोड़ा पुत्री कमल अरोड़ा निवासी आदर्श कालोनी जोगीवाला के खाते से निकाले 44 हजार रुपये।
. दिनेश कुमार पुत्र ब्रह्मदत्त निवासी ग्राम नत्थनपुर नेहरू कालोनी के खाते से उड़ाए 40 हजार।
.आरएल कुंवारा निवासी भागीरथी कालोनी जोगीवाला के खाते से उड़े 80 हजार।
.अनुराधा पत्नी अनिल मनोरी निवासी जागृति विहार के खाते से 50 हजार रुपये गायब।
. सूबेदार मोहन सिंह, धोली देवी और पंकज नेगी निवासी मोहकमपुर खुर्द के खाते से 65 हजार उड़ाए।
. जितेंद्र सिंह निवासी शताब्दी एंकलेव जोगीवाला के खाते से निकाले 7500 रुपये।
. मनीषा पुत्री सत्य काम पोखरियाल निवासी गुमानीवाला श्यामपुर के खाते से 24 हजार।
. पूजा बिष्ट पत्नी चंदन सिंह निवासी शताब्दी एन्क्लेव के खाते से 40 हजार उडे़।
. हिमांशु चंदोला पुत्र एससी चंदोला निवासी जागृति विहार के खाते से गए 35 हजार।
बैंक प्रबंधन ने पड़ताल में निकाल दिए पांच दिन
डाटा चोरी कर खातों से रकम निकालने के इस खेल को इंडियन ओवरसीज बैंक का प्रबंध तंत्र पांच दिन तक जांच में उलझाएं रहा। एक जागरूक महिला ग्राहक ने 11 दिसंबर को खाते से रकम उड़ाने की शिकायत कर दी। लेकिन बैंक मुकदमा दर्ज कराने के बजाए खुद ही पड़ताल में लगा रहा। पुलिस जांच को बैंक पहुंची तो मुकदमा दर्ज कराया गया। दरअसल 10 दिसंबर से खातों से रकम निकलने का सिलसिला शुरू हुआ और 12 दिसंबर तक लगातार जारी रहा।
साइबर क्रिमिनल्स द्वारा किश्तों में रकम निकाली गई। शताब्दी एंकलेव निवासी पूजा बिष्ट के खाते से एक-एक कर 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। पूजा ने 11 दिसंबर को बैंक पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज करा दी थी। बैंक ने चेन्नई स्थित केंद्रीय कार्यालय को इसकी जानकारी देकर एटीएम के फुटेज आदि निकाल लिए थे। इंस्पेक्टर नेहरू कालोनी राजेश शाह ने बताया कि बैंक प्रबंधन पुलिस से शिकायत करने के बजाए खुद ही जांच पड़ताल में लगा रहा।