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भोपाल दौरा: सीएम धामी ने किया अनुरोध, मौसम का सशक्त पूर्वानुमान तंत्र स्थापित करने में सहयोग करे केंद्र

Tue, 23 Aug 2022 12:04 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 23 Aug 2022 12:04 AM IST
सार

मुख्यमंत्री ने केंद्र के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने और राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इको सिस्टम सेवाओं को महत्व देने का अनुरोध किया।

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Bhopal Visit: Cm Pushkar singh dhami demands Centre to help in setting up strong weather forecasting system
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : एएनआई फाइल फोटो

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार से उत्तराखंड में मौसम के पूर्वानुमान व डॉप्लर रडार से युक्त अवस्थापना तंत्र बनाने में सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान मौसम की सटीक सूचनाओं से हर साल होने वाली जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह मांग भोपाल में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक में रखी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता हुई बैठक में राज्य हित से जुड़े कई मुद्दे उठाए। 

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मुख्यमंत्री ने केंद्र के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने और राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इको सिस्टम सेवाओं को महत्व देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों के आवंटन में फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।  

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मुख्यमंत्री ने बैठक में केंद्र से इन बिंदुओं पर किया सहयोग का अनुरोध

95 हजार करोड़ की पारिस्थितिकी सेवा दे रहा उत्तराखंड :
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने वनों, बुग्यालों, ग्लेशियरों का संरक्षण करके राष्ट्र को प्रत्येक वर्ष 95 हजार करोड़ की इको सिस्टम सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। भोपाल के ही प्रतिष्ठित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के एक अध्ययन में यह आंकलन किया गया है।  

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केंद्रीय योजनाएं तय करने में भौगोलिक हालात भी देखें :
मुख्यमंत्री ने केंद्र पोषित योजनाओं के निर्धारण में राज्य की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वन स्किम फिट ऑल के स्थान पर राज्य के अनुकूल टेलर मेड स्कीम तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। 

ग्लेशियर नदियों से जोड़ी जाएं बरसाती नदियां :
बरसाती नदियों को वैज्ञानिक आधार पर ग्लेशियर आधारित नदियों से जोड़े जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसका लाभ उत्तराखंड राज्य को ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र को होगा। रुकी जल विद्युत परियोजनाएं भी शीघ्र शुरू हों। 

छह करोड़ फ्लोटिंग आबादी, धन आवंटन में रखा जाए ध्यान : 
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य में छह करोड़ फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखकर वित्तीय संसाधनों के आवंटन का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि फ्लोटिंग आबादी के साथ राज्य को लगभग सवा सात करोड़ लोगों के लिए अवस्थापना सुविधाओं की व्यवस्था करनी पड़ती है।  

सीमांत क्षेत्र तक जाए ऑलवेदर रोड : 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों को सड़क, रेलवे व वायु मार्ग से जोड़ना अत्यावश्यक है। ऑल वेदर रोड का विस्तार सीमांत क्षेत्र तक किया जाना चाहिए। राज्य के कुमाऊं मंडल में टनकपुर से बागेश्वर रेलवे लाइन का निर्माण किया जाए। सीमित संसाधनों के कारण उत्तराखंड को रेलवे परियोजनाओं के लागत में 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी की शर्त पर छूट दी जाए।  

राज्य में बनाए जाने हैं हैलीपोर्ट्स :
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में नैनी सैनी, गौचर, चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियां विद्यमान हैं। सामरिक दृष्टि से इनके विस्तारीकरण और अन्य हैलीपोर्ट्स का भी निर्माण किये जाने की आवश्यकता है। ग्रीष्मकालीन राजधानी के निकट स्थित चौखुटिया क्षेत्र में एक नये एयरपोर्ट की स्थापना किया जाना आर्थिक व सामारिक लिहाज से जरूरी है। 

भारत नेट-2 का प्रस्ताव मंजूर हो :
मुख्यमंत्री ने 5942 ग्राम पंचायतों को मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए भारत नेट-2 के प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। कैंपा की राशि में कम कटौती का अनुरोध उन्होंने कैम्पा के तहत राष्ट्रीय प्राधिकरण के खाते में रखे जाने वाली 10 प्रतिशत की धनराशि को घटाकर दो प्रतिशत करने का अनुरोध किया। 

हिम प्रहरी योजना के लिए आर्थिक सहायता मांगी :
मुख्यमंत्री ने हिम प्रहरी योजना के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया। उन्होंने हिम प्रहरी दल दैवीय आपदाओं के समय सूचना, राहत एवं बचाव कार्य, ग्राम वासियों को सीमा सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण, जागरूकता, आत्म-रक्षा का प्रशिक्षण का कार्य किया जाएगा। 


समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ रहे :
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने राज्य के विकास में मिल रहे केंद्र सरकार के सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया।

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