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अब देहरादून से नहीं संचालित होगा भरसार विश्वविद्यालय, कैंपस बंद
Sat, 18 Jan 2020 11:54 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 18 Jan 2020 11:54 AM IST
सार
- सरकार ने एरोमा खेती को बढ़ावा देने को सगंध पौधा केंद्र को सौंपा परिसर
- विश्वविद्यालय में ही बैठेंगे कुलपति व अन्य प्रशासनिक अधिकारी
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मीनाक्षी सुंदरम
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार का संचालन अब दून से नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के सेलाकुई स्थित कैंपस को बंद कर सगंध पौधा केंद्र को सौंप दिया है। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
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पौड़ी जिले के भरसार में प्रदेश की पहला औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय स्थापित है। इसका एक कैंपस सेलाकुई में खोला गया था। विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य प्रशासनिक अधिकारी दून कैंपस में ही बैठ कर कामकाज करते थे।
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भरसार में बैठने के बजाए अधिकारियों के दून कैंपस में डेरा डालने पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने एक साल पहले सख्त कदम उठाते तत्कालीन कुलपति को तत्काल विश्वविद्यालय में बैठने के निर्देश दिए थे। इसबीच कुलपति ने खराब स्वास्थ्य का कारण बताते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी विवि कैंपस का संचालन यहां से हो रहा था।
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इस पर शासन ने विवि का कैंपस यहां से समाप्त कर दिया है। पूरा कैंपस सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई को सौंपा किया गया है। कैंपस में भवन और खाली भूमि का इस्तेमाल एरोमा खेती को बढ़ावा देने और नर्सरी स्थापित करने में किया जाएगा। सचिव उद्यान आर. मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी आदेश के अनुसार कैंपस का हस्तांतरण कोई मूल्य नहीं लिया जाएगा।